Bijnor News: मजदूर के बेटे ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर पाई 819 वीं रैंक
बिजनौर जनपद में वाल्मीकि समाज के गरीब मजदूर के बेटे मुक्तेंदर ने यूपीएससी परीक्षा में 819 वीं रैंक प्राप्त कर समाज व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मुक्तेंदर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के निजी स्कूल से पूरी की है।
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गांव सैदपुर माफी निवासी मुक्तेंदर पुत्र सतीश वाल्मीकि ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के निजी स्कूल से पूर्ण कर लक्ष्य कॉलेज स्योहारा से बीएससी परीक्षा पास कर सेल्फ स्टडी से आईएएस की परीक्षा की तैयारी घर पर ही गुगल व यूटयूब के जरिए की। मंगलवार को यूपीएससी का परिणाम देख वह और उसके परिजनों का खुशी का ठिकाना नही रहा। मुक्तेंदर बताते है कि उनका विकल्प विषय इतिहास रहा है। वह दूसरा प्रयास मे सफलता की मंजिल पर पहुंचा है। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंच पाया था। उनका कहना है कि आईएएस बनना उनका लक्ष्य था। वह समाज में गरीबी, सामाजिक असमानता को दूर करने के क्षेत्र में कार्य करना उनकी मंशा है। मुक्तेंदर के पिता सतीश वाल्मीकि कोल्हू पर मजदूरी करते हैं। मुक्तेंदर की सफलता पर पिता सतीश माता कविता ने शुभाशीष दिया। गांव के लोगो का बधाई देने का त़ाता लगा है।
हिमांशु को यूपीएससी में मिली 841 वीं रैंक
गांव गंधौर निवासी हिमांशु पुत्र हुकुम सिंह का यूपीएससी में चयन होने पर परिवार व गांव में खुशी का माहौल हैं। हिमांशु की 841 वीं रैंक आई हैं। वर्तमान में हिमांशु नायब तहसीलदार पद हैं। जिसका प्रशिक्षण जिला संभल में चल रहा है। हिमांशु के भाई अंकित कुमार ने बताया कि अक्टूबर 2022 में घोषित पीसीएस के परीक्षाफल में उनका नायब तहसीलदार के पद के लिए चयन हुआ था।
हिमांशु का सपना यूपीएससी परीक्षा पास करना था। यूपीएससी में चयन होने पर हिमांशु के पिता हुकुम सिंह, माता जगरोशनी देवी, भाई अंकित कुमार सहित परिजनों में खुशी का ठिकाना नही है। तीन महीने में दो उच्च परीक्षाओं में सफलता मिलने पर हिमांशु के माता पिता को बधाई देने वालों का तांता लगा हैं।

यूपीएससी में चयनित चांदपुर क्षेत्र के गांव गन्धौेर निवासी हिमांशु।