{"_id":"6a23350c573552c3e10ea97a","slug":"kotra-minor-becomes-obstruction-free-after-21-years-culvert-construction-begins-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-181466-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: कोटरा माइनर 21 साल बाद हुआ अवरोध मुक्त, पुलिया निर्माण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: कोटरा माइनर 21 साल बाद हुआ अवरोध मुक्त, पुलिया निर्माण शुरू
विज्ञापन
धामपुर। थाना क्षेत्र के गांव गजुपुरा के ग्रामीणों के विरोध के चलते नहर निर्माण खंड-छह नजीबाबाद के अधिकारियों ने 22 साल बाद विवादित जमीन का सीमांकन कर पुलिया निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता ने कहना है कि यह कार्य 22 सालों से अवरोध खत्म न होने के कारण लटका हुआ था। अब मानपुर गहला के अंतर्गत कोटरा माइनर में कोई गैप्स नहीं है। जल्दी ही माइनर को चालू किया जाएगा।
नहर निर्माण खंड -6 नजीबाबाद के अधिशासी अभियंता त्रिलोक चंद लांबा ने बताया कि 2004 में सरकार द्वारा धामपुर क्षेत्र में हरित क्रांति लाने के लिए मानपुर गहला योजना के अंतर्गत कोटरा माइनर निकाला गया था। इसकी लंबाई करीब 28 किलोमीटर है। यह माइनर करीब 50 से अधिक गांवों के जंगलों से गुजरता है। इतना लंबा अरसा बीतने के बाद माइनर को चालू करने में अधिकारियों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
गांव गजुपुरा के दो किसानों ने पिछले कई दशकों से अवरोध पैदा कर रखा था। अधिग्रहित जमीन का मुआवजा लेने के बाद भी जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए तैयार नहीं थे। विभागीय अधिकारी कई बार जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए गांव में गए, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। बताया गया कि लंबा अरसा हो जाने के कारण शासन स्तर से माइनर की प्रगति पर निगरानी रखी जा रही थी। उन्हें हर हाल में माइनर को चालू करने के आदेश थे। प्रयास के बाद जब सफलता नहीं मिली तो जेई अमित कुमार ने दो किसानों को नामजद कर उनके परिवार के कई अन्य लोगों के खिलाफ धामपुर कोतवाली में एक सप्ताह पहले प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विधायक अशोक राणा और अधीक्षण अभियंता रविंद्र कुमार चौहान का भी गैप्स दूर कराने में पूरा सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नहर निर्माण खंड -6 नजीबाबाद के अधिशासी अभियंता त्रिलोक चंद लांबा ने बताया कि 2004 में सरकार द्वारा धामपुर क्षेत्र में हरित क्रांति लाने के लिए मानपुर गहला योजना के अंतर्गत कोटरा माइनर निकाला गया था। इसकी लंबाई करीब 28 किलोमीटर है। यह माइनर करीब 50 से अधिक गांवों के जंगलों से गुजरता है। इतना लंबा अरसा बीतने के बाद माइनर को चालू करने में अधिकारियों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
गांव गजुपुरा के दो किसानों ने पिछले कई दशकों से अवरोध पैदा कर रखा था। अधिग्रहित जमीन का मुआवजा लेने के बाद भी जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए तैयार नहीं थे। विभागीय अधिकारी कई बार जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए गांव में गए, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। बताया गया कि लंबा अरसा हो जाने के कारण शासन स्तर से माइनर की प्रगति पर निगरानी रखी जा रही थी। उन्हें हर हाल में माइनर को चालू करने के आदेश थे। प्रयास के बाद जब सफलता नहीं मिली तो जेई अमित कुमार ने दो किसानों को नामजद कर उनके परिवार के कई अन्य लोगों के खिलाफ धामपुर कोतवाली में एक सप्ताह पहले प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विधायक अशोक राणा और अधीक्षण अभियंता रविंद्र कुमार चौहान का भी गैप्स दूर कराने में पूरा सहयोग रहा।
विज्ञापन