{"_id":"578bcac44f1c1bbb26c4b63b","slug":"kotawali-river-occupy-several-farm","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटावाली नदी में समाए कई खेत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटावाली नदी में समाए कई खेत
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
भागूवाला क्षेत्र में कठियारी नदी में आए उफान में बही पुल के लिए बनाई गई फाउंडेशन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भागूवाला में कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी से सटे ग्राम कोटावाली में भूमि का कटान शुरू हो गया। कई किसानों की जमीन नदी में समाने के साथ अब प्राथमिक विद्यालय भवन को भी खतरा बढ़ गया है।
यूपी-उत्तराखंड सीमा पर स्थित कोटावाली नदी में उफान आ गया। पानी की तेज धार ने दोनों साइडों में कटान शुरू कर दिया है। रविवार को नदी से सटे गांव कोटावाली निवासी कई किसानों के खेत टूटकर नदी में समा गए। किसान राजेंद्र सिंह, नाथे सिंह, गोविंद सिंह, मुन्नी देवी आदि किसानों के खेत नदी में समाने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति पहुंची। इनके अलावा नदी की ढांग पर स्थित खेतों से किसानों ने फसलें काटना शुरू कर दिया है।
दूसरी ओर, कोटावाली नदी द्वारा लगातार कटान किए जाने से प्राथमिक विद्यालय भवन नदी से करीब 15 मीटर कबे फासले पर ही रह गया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि नदी ने इसी तरह कटान जारी रखा, तो विद्यालय भवन नदी में समा जाएगा। विद्यालय में दो कक्ष निर्मित हैं। यहां गांव के करीब 40-45 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ग्रामवासियों ने बच्चों के शैक्षिक भविष्य को देखते हुए विद्यालय भवन को बचाने की मांग की। उधर, अवैध खनन के लिए कुछ खनन माफियाओं द्वारा कठियारी नदी पर पुल बनाने के लिए फाउंडेशन बनवाई गई थी। नदी में अचानक तेज पानी आने से फाउंडेशन ध्वस्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी-उत्तराखंड सीमा पर स्थित कोटावाली नदी में उफान आ गया। पानी की तेज धार ने दोनों साइडों में कटान शुरू कर दिया है। रविवार को नदी से सटे गांव कोटावाली निवासी कई किसानों के खेत टूटकर नदी में समा गए। किसान राजेंद्र सिंह, नाथे सिंह, गोविंद सिंह, मुन्नी देवी आदि किसानों के खेत नदी में समाने से उन्हें भारी आर्थिक क्षति पहुंची। इनके अलावा नदी की ढांग पर स्थित खेतों से किसानों ने फसलें काटना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
दूसरी ओर, कोटावाली नदी द्वारा लगातार कटान किए जाने से प्राथमिक विद्यालय भवन नदी से करीब 15 मीटर कबे फासले पर ही रह गया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि नदी ने इसी तरह कटान जारी रखा, तो विद्यालय भवन नदी में समा जाएगा। विद्यालय में दो कक्ष निर्मित हैं। यहां गांव के करीब 40-45 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ग्रामवासियों ने बच्चों के शैक्षिक भविष्य को देखते हुए विद्यालय भवन को बचाने की मांग की। उधर, अवैध खनन के लिए कुछ खनन माफियाओं द्वारा कठियारी नदी पर पुल बनाने के लिए फाउंडेशन बनवाई गई थी। नदी में अचानक तेज पानी आने से फाउंडेशन ध्वस्त हो गई।
विज्ञापन