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मलिन बस्तियों में निकल गया कोरोना का दम

Fri, 18 Dec 2020 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Dec 2020 12:12 AM IST
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Korana lost power in slums
बिजनौर। जिले का करीब हर इलाका कोरोना वायरस की चपेट में आ चुका है। उपचार से लोग ठीक भी हो रहे हैं, वहीं एक चौंकाने वाला तथ्य भी उजागर हुआ है कि रिहायशी इलाकों में तो कोरोना ने खूब हमला किया, लेकिन मलिन बस्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण कोरोना संक्रमण वहां पर नहीं टिक पाया। अफसरों के अनुसार हालात ये रहे कि 2532 लोगों की जांच में महज दो युवक ही कोरोना संक्रमित निकले। बाकी लोगों का कोरोना संक्रमण कुछ नहीं बिगाड़ पाया।
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जनपद में कोरोना संक्रमण के नित नए केस मिल रहे हैं। रोजाना अलग-अलग स्थानों से कोरोना के मामले मिल रहे हैं, जबकि मलिन बस्तियों में यह बेदम नजर आया। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले भर में मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए। सैंपलों की रिपोर्ट चौंकाने वाली रही। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के मुताबिक मलिन बस्तियों में कोरोना संक्रमण कम ही देखने को मिल रहा है।
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जिले में कोरोना का सबसे पहला केस 13 अप्रैल को स्योहारा क्षेत्र के गांव मेवा नवादा में मिला था। इसके बाद से कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़कर बुधवार की शाम तक कुल 4165 हो गई। इनमें से अब तक लगभग 58 लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसे लेकर प्रशासन के बड़े अफसरों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं। शासन से निर्देश मिले थे कि 25 नवंबर से दस दिसंबर तक जिले की विभिन्न मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर सैंपल लिए गए।
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कोरोना के सैंपल नोडल अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि मोहल्ला जाटान वाल्मीकि बस्ती, चमरपेड़ा, किरतपुर में मोहल्ला भुड्डी, मीठा शहीद, नहटौर में मोहल्ला रविदास नगर, छिपीयान, नजीबाबाद के मोहल्ला पाईबाग, कछियाना बस्ती आदि सहित लगभग दो दर्जन से अधिक मलिन बस्तियों में शिविर लगाकर 2532 लोगों के सैंपल लिये गए। इनमें से केवल दो युवकों के सैंपलों की ही रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। नोडल अधिकारी ने बताया कि मलिन बस्तियों में संक्रमण की दर बहुत कम है। इसकी एक वजह लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होना है। मलिन बस्तियों में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट से जाहिर है कि वहां कोरोना वायरस हार गया।
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