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जिला अस्पताल की लैब में खत्म हुई किट, नहीं हो रही शुगर जांच
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जिला अस्पताल की लैब में खत्म हुई किट, नहीं हो रही शुगर जांच
बिजनौर। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग मूलभूत सुविधा देने में पिछड़ने लगा है। जिला अस्पताल में शुगर की जांच के लिए किट तक खत्म हो गई है। केवल एक रुपये में होने वाली शुगर की जांच ही प्रभावित हो गई है। शुगर की जांच के लिए मरीजों को अब परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में हर रोज ढाई से तीन हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। काफी मरीज अपनी शुगर की जांच भी कराते हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 100 से ज्यादा मरीज शुगर की जांच कराते हैं। इसके लिए केवल एक रुपये का पर्चा ही बनवाना पड़ता है। उंगली पर सुई चुभाकर मरीज का सैंपल लिया जाता है और कुछ ही सेकेंड में मरीज को शुगर की स्थिति के बारे में बता दिया जाता है। जिला अस्पताल में मरीजों का सैंपल लेने वाली किट ही खत्म हो गई है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर तो जोर है, लेकिन मरीजों की यह आज के समय सबसे बड़ी मूलभूत सुविधा ही नहीं मिल पा रही है। हालांकि मरीजों की जांच अस्पताल में बनी लैब पर भी हो सकती है लेकिन वहां केवल 11 बजे तक ही मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं और रिपोर्ट डेढ़ बजे तक ही मिल पाती है। इस बीच मरीजों को अस्पताल में इधर-उधर ही भटकना होता है।
कई जगह जांच बाधित
मरीजों की शुगर की जांच जिले में कई और जगह पर भी बाधित चल रही है। विभाग के ज्यादातर कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण में लगाया गया है। इस वजह से कई पीएचसी व सीएचसी पर शुगर की जांच नहीं हो रही है।
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लैब में भी हो रही है जांच
सीएमएस डॉ.अरुण कुमार पांडेय के अनुसार शुगर की किट खत्म होने के बारे में विभाग को अवगत करा दिया है। लैब में भी शुगर की जांच की जा रही है। मरीज लैब में भी शुगर की जांच करा सकते हैं।
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बिजनौर। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग मूलभूत सुविधा देने में पिछड़ने लगा है। जिला अस्पताल में शुगर की जांच के लिए किट तक खत्म हो गई है। केवल एक रुपये में होने वाली शुगर की जांच ही प्रभावित हो गई है। शुगर की जांच के लिए मरीजों को अब परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में हर रोज ढाई से तीन हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। काफी मरीज अपनी शुगर की जांच भी कराते हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 100 से ज्यादा मरीज शुगर की जांच कराते हैं। इसके लिए केवल एक रुपये का पर्चा ही बनवाना पड़ता है। उंगली पर सुई चुभाकर मरीज का सैंपल लिया जाता है और कुछ ही सेकेंड में मरीज को शुगर की स्थिति के बारे में बता दिया जाता है। जिला अस्पताल में मरीजों का सैंपल लेने वाली किट ही खत्म हो गई है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर तो जोर है, लेकिन मरीजों की यह आज के समय सबसे बड़ी मूलभूत सुविधा ही नहीं मिल पा रही है। हालांकि मरीजों की जांच अस्पताल में बनी लैब पर भी हो सकती है लेकिन वहां केवल 11 बजे तक ही मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं और रिपोर्ट डेढ़ बजे तक ही मिल पाती है। इस बीच मरीजों को अस्पताल में इधर-उधर ही भटकना होता है।
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कई जगह जांच बाधित
मरीजों की शुगर की जांच जिले में कई और जगह पर भी बाधित चल रही है। विभाग के ज्यादातर कर्मचारियों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण में लगाया गया है। इस वजह से कई पीएचसी व सीएचसी पर शुगर की जांच नहीं हो रही है।
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लैब में भी हो रही है जांच
सीएमएस डॉ.अरुण कुमार पांडेय के अनुसार शुगर की किट खत्म होने के बारे में विभाग को अवगत करा दिया है। लैब में भी शुगर की जांच की जा रही है। मरीज लैब में भी शुगर की जांच करा सकते हैं।