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राजा का ताजपुर में एक और मौत
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:31 AM IST
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राजा का ताजपुर में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बुखार से एक व्यक्ति की मौत हो गई। गांव में बुखार से मरने वालों की संख्या दर्जन का आंकड़ा पार कर चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग यह मानने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोष पनप रहा है।
मोहल्ला सैनी धर्मशाला निवासी दीपक सैनी (35) को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। उसका गांव के ही एक निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। शुक्रवार की रात अचानक उसकी हालत काफी बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसकी मौत हो गई। दीपक की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं, गांव में बुखार के कारण हुई एक और मौत से दहशत पसरी हुई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा इंद्रजीत सिंह, नईम अहमद, बृजेश त्यागी, राकेश शर्मा, शमशाद अहमद, शादीराम सैनी, तेजपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अब तक बुखार से 14 मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा सैकड़ों से अधिक ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू, चिकनगुनिया व बुखार से एक भी मौत न होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अधिकतर मौत बुखार से ही हुई हैं। बुखार पीड़ित कई लोगों को भी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने गांव में हो रही मौतों के सिलसिले में जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया है।
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मोहल्ला सैनी धर्मशाला निवासी दीपक सैनी (35) को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। उसका गांव के ही एक निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। शुक्रवार की रात अचानक उसकी हालत काफी बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए बाहर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसकी मौत हो गई। दीपक की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं, गांव में बुखार के कारण हुई एक और मौत से दहशत पसरी हुई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा इंद्रजीत सिंह, नईम अहमद, बृजेश त्यागी, राकेश शर्मा, शमशाद अहमद, शादीराम सैनी, तेजपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अब तक बुखार से 14 मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा सैकड़ों से अधिक ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू, चिकनगुनिया व बुखार से एक भी मौत न होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अधिकतर मौत बुखार से ही हुई हैं। बुखार पीड़ित कई लोगों को भी जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने गांव में हो रही मौतों के सिलसिले में जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया है।
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