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खूब सिंह ने अपने घर पर फहरा दिया था तिरंगा

Wed, 10 Aug 2022 12:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 12:31 AM IST
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Khub Singh had hoisted the tricolor at his house
स्वतंत्रता सेनानी खूब सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : BIJNOR
खूब सिंह ने अपने घर पर फहरा दिया था तिरंगा
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बिजनौर। आजादी के अमृत महोत्सव में सरकार द्वारा हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। जनपद बिजनौर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे खूब सिंह ने 1941 में अपने घर पर तिरंगा फहरा दिया था, जिसे उतरवाने के लिए अंग्रेजी शासन को अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी थी। खूब सिंह ने अंग्रेजों को नाकों चने चबाए थे।
अफजलगढ़ विकास क्षेत्र के ग्राम जयनगर में 15 मई 1907 को जन्मे खूब सिंह ने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था। बचपन में ही उनके पिता अतर सिंह की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद वे मुरादाबाद चले गए थे। 1932 में मुरादाबाद से लौटने के बाद खूब सिंह स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। क्षेत्रीय इतिहास संकलन अभियान जनपद बिजनौर के संचालक ग्राम फीना निवासी हेमंत कुमार बताते हैं कि 1941 में उन्होंने अपने जयनगर स्थित घर पर स्थायी रूप से तिरंगा झंडा लगा दिया था। तिरंगा झंडा लगाना उस समय पर बहुत बड़े अपराध की श्रेणी में आता था। इसकी भनक जब अंग्रेजी हुकूमत को लगी तो तत्काल झंडा उतारने के आदेश दिए गए, लेकिन खूब सिंह ने झंडा नहीं उतारा। पुलिस के दो-चार सिपाही कई बार आए परंतु खूब सिंह ने उन्हें झंडा नहीं उतारने दिया। खूब सिंह अपने आवास पर सशस्त्र सेनानियों के साथ रहते थे।
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यह बात इंग्लैंड में अंग्रेजी हुकूमत तक पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अंग्रेजी सेना ने जयनगर को घेर लिया और संख्या बल के आधार पर कार्रवाई करते हुए तिरंगा झंडा उतार दिया। यह उस समय की बड़ी घटना थी। हेमंत कुमार बताते हैं कि इंग्लैंड के मैनचेस्टर से प्रकाशित होने वाले द गार्जियन अखबार में यह घटना ‘जयनगर पर पुन: अधिकार’ नामक शीर्षक के छपी थी। इस घटना के बाद खूब सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था तथा न्यायालय ने उन्हें एक वर्ष सश्रम कारावास और 50 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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कांजी हाउस में लगा दी थी आग
खूब सिंह जनता में बहुत लोकप्रिय थे। एक बार इन्होंने अपने गांव जयनगर में कांग्रेस का सम्मेलन आयोजित कराया था, जिसमें लगभग 20000 लोग जुटे थे। इस सम्मेलन ने अंग्रेजी सरकार की नींद उड़ा दी थी। खूब सिंह 1930, 1932, 1941 तथा 1942 में चार बार जेल गए। उन्होंने टोली बनाकर सरकारी कांजी हाउस से पशु मुक्त कराए थे तथा खाली पड़े कांजी हाउस में आग लगा दी थी। इसके बाद वह भूमिगत हो गए थे। आजादी के बाद खूब सिंह 1952, 1957, तथा 1962 में धामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने मुरादाबाद जनपद के सुरजन नगर में अपनी भूमि दान देकर गांधी स्मारक महाविद्यालय की स्थापना भी की थी।
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