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खो नदी का बांध टूटा, फसलें जलमग्न
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बिजनौर : शेरकोट में नंदगांव, नाथाडोई में खो नदी से हुए नुकसान को ग्रामीणों के साथ मिलकर देखते हुए प
- फोटो : DHAMPUR
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खो नदी का बांध टूटा, फसलें जलमग्न
धामपुर/शेरकोट (बिजनौर)। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश से खो नदी उफान पर है। नदी के उफान से नंदगांव में सिंचाई विभाग की ओर से बना बंधा पानी के तेज प्रवाह में बह गया है। नदी खेतों की जमीन का कटान कर रही है। किसानों की सैकड़ों बीघा धान, गन्ने और चारे की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग जाग कर रात गुजारने को विवश हैं।
पहाड़ों पर पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण खो नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। शेरकोट बैराज पर भी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उमरपुर आशा, तीपरजोत, हादकपुर, पालकी एमन सहित कई गांवों के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। नंदगांव के नितिन चौहान, मनोज कुमार, महावीर सिंह आदि का कहना है कि बारिश के कारण नदी में आए उफान से प्रदेश सरकार की ओर से हुए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की पोल खुल गई। ग्रामीणों बाढ़ की आशंका को लेकर बेहद परेशान हैं। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नंदगांव का निरीक्षण किया है। खो नदी में करीब 70 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है, जो अब लगातार घट रहा है। स्थिति सामान्य है। गांव में भी स्थिति सामान्य है। अवर अभियंता सिंचाई और लेखपाल को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सपा नेता व पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान ने भी नंदगांव का दौरा कर लोगों को मदद का आश्वासन दिया।
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धामपुर/शेरकोट (बिजनौर)। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश से खो नदी उफान पर है। नदी के उफान से नंदगांव में सिंचाई विभाग की ओर से बना बंधा पानी के तेज प्रवाह में बह गया है। नदी खेतों की जमीन का कटान कर रही है। किसानों की सैकड़ों बीघा धान, गन्ने और चारे की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग जाग कर रात गुजारने को विवश हैं।
पहाड़ों पर पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण खो नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। शेरकोट बैराज पर भी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। उमरपुर आशा, तीपरजोत, हादकपुर, पालकी एमन सहित कई गांवों के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। नंदगांव के नितिन चौहान, मनोज कुमार, महावीर सिंह आदि का कहना है कि बारिश के कारण नदी में आए उफान से प्रदेश सरकार की ओर से हुए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की पोल खुल गई। ग्रामीणों बाढ़ की आशंका को लेकर बेहद परेशान हैं। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नंदगांव का निरीक्षण किया है। खो नदी में करीब 70 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है, जो अब लगातार घट रहा है। स्थिति सामान्य है। गांव में भी स्थिति सामान्य है। अवर अभियंता सिंचाई और लेखपाल को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सपा नेता व पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान ने भी नंदगांव का दौरा कर लोगों को मदद का आश्वासन दिया।

बिजनौर : खो नदी में आए उफान से हो रहे कटाव का विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते एसडीएम धीरें- फोटो : DHAMPUR
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