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90 फीसदी से अधिक मतदान वाले बूथों पर निगाह
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90 फीसदी से अधिक मतदान वाले बूथों पर निगाह
बिजनौर। भले ही अभी विधानसभा चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन विभागीय स्तर पर इसकी तैयारियां होने लगी हैं। फिलहाल मतदान केंद्रों की श्रेणी बनाई जा रही हैं। अबकी बार खासकर बीते चुनाव में 90 फीसदी से अधिक वोटिंग वाले बूथ पुलिस के रडार पर रहेंगे। इन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा जाना है।
जिले के सभी थानाध्यक्षों को आदेश दिए गए हैं, जिनके अनुसार 14 अक्टूबर तक सभी थाना प्रभारियों को आख्या चुनाव सैल को उपलब्ध करानी है। इनमें मतदान केंद्रों की स्थिति और संबंधित गांव या मोहल्ले के समीकरणों की सूचना उपलब्ध करानी है। वहीं, मतदान केंद्रों की श्रेणी भी तय करनी है। गांव या मोहल्ले में पुराना जातीय विवाद, तनाव, सांप्रदायिक और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों की सूची भी तैयार होनी है। इसके अलावा धनबल का प्रभाव और पिछले चुनाव में एक ही उम्मीदवार को 75 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं, तो इसका भी कारण खोजा जाएगा। सबसे खास बात यह है कि 90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले बूथ भी रडार पर रहेंगे। पुलिस मान रही है कि अधिक मतदान सामान्य तौर पर नहीं हो सकता। शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए एक-एक बूथ और उससे जुड़े प्रभावशाली और आपराधिक लोगों का भी डाटा तैयार हो रहा है। अबकी बार विधानसभा चुनाव में 3111 बूथों पर मतदान होगा। पिछली बार 2994 बूथों पर वोटिंग हुई थी। जिलेभर की नौ विधानसभा क्षेत्रों में 117 बूथ बढ़ गए हैं। मतदान केंद्र 1691 हो गए हैं जबकि, पिछली बार 1642 पर चुनाव हुआ था।
विधानसभा चुनाव होने में वक्त है, फिर भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। मतदान केंद्रों की श्रेणी तय की जा रही है। डाटा दुरुस्त करके रखा जा रहा है। 90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले बूथों पर विशेष गौर किया जाएगा - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
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बिजनौर। भले ही अभी विधानसभा चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन विभागीय स्तर पर इसकी तैयारियां होने लगी हैं। फिलहाल मतदान केंद्रों की श्रेणी बनाई जा रही हैं। अबकी बार खासकर बीते चुनाव में 90 फीसदी से अधिक वोटिंग वाले बूथ पुलिस के रडार पर रहेंगे। इन्हें अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा जाना है।
जिले के सभी थानाध्यक्षों को आदेश दिए गए हैं, जिनके अनुसार 14 अक्टूबर तक सभी थाना प्रभारियों को आख्या चुनाव सैल को उपलब्ध करानी है। इनमें मतदान केंद्रों की स्थिति और संबंधित गांव या मोहल्ले के समीकरणों की सूचना उपलब्ध करानी है। वहीं, मतदान केंद्रों की श्रेणी भी तय करनी है। गांव या मोहल्ले में पुराना जातीय विवाद, तनाव, सांप्रदायिक और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों की सूची भी तैयार होनी है। इसके अलावा धनबल का प्रभाव और पिछले चुनाव में एक ही उम्मीदवार को 75 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं, तो इसका भी कारण खोजा जाएगा। सबसे खास बात यह है कि 90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले बूथ भी रडार पर रहेंगे। पुलिस मान रही है कि अधिक मतदान सामान्य तौर पर नहीं हो सकता। शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए एक-एक बूथ और उससे जुड़े प्रभावशाली और आपराधिक लोगों का भी डाटा तैयार हो रहा है। अबकी बार विधानसभा चुनाव में 3111 बूथों पर मतदान होगा। पिछली बार 2994 बूथों पर वोटिंग हुई थी। जिलेभर की नौ विधानसभा क्षेत्रों में 117 बूथ बढ़ गए हैं। मतदान केंद्र 1691 हो गए हैं जबकि, पिछली बार 1642 पर चुनाव हुआ था।
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विधानसभा चुनाव होने में वक्त है, फिर भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। मतदान केंद्रों की श्रेणी तय की जा रही है। डाटा दुरुस्त करके रखा जा रहा है। 90 प्रतिशत से अधिक मतदान वाले बूथों पर विशेष गौर किया जाएगा - डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
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