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इस बार चार नवंबर को मनाया जाएगा करवा चौथ त्यौहार

Sun, 01 Nov 2020 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 11:39 PM IST
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Karva Chauth festival will be celebrated on November 4
धामपुर में करवाचौथ के मौके पर साड़ियां खरीदती महिलाएं। - फोटो : DHAMPUR
चार नवंबर को मनाया जाएगा करवा चौथ त्योहार
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इस बार बुधवार को पर्व होने से सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी रहेगा व्रत
बिजनौर। इस बार करवा चौथ का त्योहार चार नवंबर को है। बुधवार को यह पर्व आने के कारण इस बार विशेष रहेगा। विद्वान पंडितों के अनुुसार बुधवार श्री गणेश भगवान को अधिक प्रिय है और इस दिन श्री गणेश के अलावा शिव, पार्वती, कार्तिकेय के साथ चंद्रमा की भी पूजा करने का विधान है।
करवा चौथ हिंदुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इसे मुख्य रूप से सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियां मनाती हैं। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब चार बजे के बाद शुरू होकर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद संपूर्ण होता है। इस बार ये व्रत बुधवार, चार नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं और शाम को चांद का दीदार करके अर्घ्य अर्पित करने के बाद पति के हाथ से जल पीकर महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। इस दिन चतुर्थी माता और गणेशजी की भी पूजा की जाती है।
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डबराल ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पंडित प्रभुदत्त डबराल ने बताया कि वर्तमान समय में करवाचौथ व्रतोत्सव कई महिलाएं अपने परिवार में प्रचलित प्रथा के अनुसार ही मनाती हैं लेकिन, अधिकतर स्त्रियां निराहार रहकर चंद्रोदय की प्रतीक्षा करती हैं। उन्होंने बताया कि संध्या पूजा का शुभ मुहूर्त चार नवंबर की शाम पांच बजकर 34 मिनट से शाम छह बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
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पंडित गणेश चंद ध्यानी का कहना है कि सुहागिन महिलाओं के जीवन में करवाचौथ के त्यौहार का काफी महत्व होता है। इस दिन महिलाएं सज संवरकर पति की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं और चंद्रदेव से प्रार्थना करती हैं कि वे आजीवन सौभाग्यवती रहें और उनके पति को कभी कोई कष्ट न हो। उन्होंने बताया कि सुबह सूर्योदय से पहले स्नान आदि करके पूजा घर की सफाई करें। फिर सास द्वारा दिया हुआ भोजन करें और भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें।

पंडित धर्मेश भारद्वाज के अनुसार संध्या के समय मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना करें। इसमें करवा चौथ के लिए मिट्टी के कलश पूजा में रखें। पूजन-सामग्री में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर आदि थाली में रखें। दीपक में पर्याप्त मात्रा में घी रहना चाहिए, जिससे वह पूरे समय तक जलता रहे। चंद्रमा निकलने से लगभग एक घंटे पहले पूजा शुरू की जानी चाहिए। अच्छा हो कि परिवार की सभी महिलाएं साथ पूजा करें।
करवा चौथ के मुहूर्त
करवा चौथ पूजा मुहूर्त- 05:33:28 बजे से 06:39:14 बजे तक
अवधि :1 घंटे 5 मिनट
करवा चौथ चंद्रोदय समय-08:11:59
अनुज कुमार शर्मा
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