कमलेश मर्डर: संदिग्धों की तलाश में ताबड़तोड़ चेकिंग, नजीबाबाद स्टेशन पर रोकी राप्ती गंगा एक्सप्रेस
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लखनऊ में हिंदू महासभा के नेता रहे और वतर्मान में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की शुक्रवार दोपहर दो बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस ने इस मामले में बिजनौर के दो मौलानाओं को भी नामजद किया है, जिनमें शनिवार को एक की गिरफ्तारी की गई है। हत्यारों के ट्रेन में होने की सूचना पर भारी पुलिसबल ने बिजनौर में गोरखपुर से आ रही एक ट्रेन की तलाशी ली।
नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिस बल ने गोरखपुर से आई राप्ती गंगा एक्सप्रेस में चेकिंग की। पुलिस के अनुसार कमलेश तिवारी हत्याकांड से जुड़े संदिग्धों के ट्रेन में सवार होने की सूचना मिली थी जिसके बाद तकरीबन सौ पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में तलाशी के लिए रेलवे स्टेशन भेजा गया।
ट्रेन के नजीबाबाद स्टेशन पर पहुंचते ही सादा वर्दी पहने 100 पुलिसकर्मियों ने ट्रेन की भीतर ताबड़तोड़ चेकिंग की। हालांकि पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा और वह खाली हाथ लौट गई। वहीं ट्रेन को कुछ समय रोके जाने और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद रवाना कर दिया गया।
कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार पश्चिम से जुड़े होने पर एक तरफ जहां मौलानाओं के समर्थकों में खलबली मची हुई है। वहीं पुलिस इस बात की भी आशंका जता रही है कि हत्यारे छिपने के लिए भी पश्चिमी यूपी का रुख कर सकते हैं।
उधर, धामपुर में कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।