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कम हुई शिशु मृत्यु दर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:02 AM IST
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शिशु मृत्यु दर कम हुई
- फोटो : शिशु मृत्यु दर कम हुई
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बिजनौर। प्रदेश सरकार की ओर से शिशु मृत्यु दर रोकने के लिए चलाए जाने वाली योजनाओं का कुछ असर अब देखने को मिला है। पिछले तीन वर्ष में 17 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर कम हुई है। इससे बेहतर संकेत मिले हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार ने मृत्यु दर पर रोक लगाने के लिए नेशनल एंबुलेंस सेवा 102 (एनएएस), पोषण पुनर्वास मिशन, हॉट कुक्ड जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में सही समय पर पंहुचाने और उपचार मिलने से सुरक्षित प्रसव बढ़ा है। नवजात में जन्म के समय पीलिया, कमजोरी आदि बीमारी हो जाती है।
इसके लिए अभिभावक बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराकर उपचार कराते है। इससे भी शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पांच साल के बच्चों को खाना, देशी घी आदि दिया जाता है। इसी कारण बच्चों की मृत्यु दर घट रही है।
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वर्ष 2015 के अपेक्षा वर्ष 2016 मृत्यु दर में छह प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस स्थिति में भी अभी और सुधार की जरूरत है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकार ने मृत्यु दर पर रोक लगाने के लिए नेशनल एंबुलेंस सेवा 102 (एनएएस), पोषण पुनर्वास मिशन, हॉट कुक्ड जैसी योजनाएं चलाई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में सही समय पर पंहुचाने और उपचार मिलने से सुरक्षित प्रसव बढ़ा है। नवजात में जन्म के समय पीलिया, कमजोरी आदि बीमारी हो जाती है।
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इसके लिए अभिभावक बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराकर उपचार कराते है। इससे भी शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पांच साल के बच्चों को खाना, देशी घी आदि दिया जाता है। इसी कारण बच्चों की मृत्यु दर घट रही है।
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वर्ष 2015 के अपेक्षा वर्ष 2016 मृत्यु दर में छह प्रतिशत तक गिरावट आई है। इस स्थिति में भी अभी और सुधार की जरूरत है।