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हाथी किसान के घर में घुसा, रसोई क्षतिग्रस्त की, महिला चोटिल
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कालागढ़ में घर में घुसे हाथी से हुए नुकसान को देखते परिवार के सदस्य।
- फोटो : DHAMPUR
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथी ने किसान के घर में घुसकर रसोई की दीवार को क्षतिग्रस्त किया। शोरशराबा कर हाथी से जान बचाने के प्रयास में एक महिला गिरकर चोटिल हो गई।
वनों से निकलकर एक हाथी मीरापुर गांव के अमरीक सिंह के निवास पर जा पहुंचा। हाथी ने घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। परिवार के सदस्यों ने बमुश्किल शोरशराबा कर हाथी को घर से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ दिया। शोरशराबा करते समय परिवार के सदस्यों ने किसी तरह से अपनी जान बचाई। इस दौरान परिवार की एक महिला गिरकर चोटिल हो गई। जगजीत सिंह ने बताया कि हाथी वनों से निकलकर सीधे उनके खेत में पहुंचा। खेत से घर की ओर आ गया। घर में घुसकर उत्पात मचाने लगा। उसने नई बन रही रसोई की दीवार, एक पिलर व गेट आदि को तोड़ दिया। हाथी की चिंघाड़ सुनकर घर के सभी सदस्य घबरा गए। पालतू कुत्ते भौंकने लगे। हाथी को घर में देखकर मौजूद बच्चों व महिलाओं ने जान बचाने को शोरशराबा शुरू कर दिया। उसकी भाभी अमनप्रीत कौर इस दौरान गिर गई। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने उसे बचाया। काफी देर तक शोरगुल मचता रहा। फिर वह हाथी सिंचाई विभाग की कालोनी की ओर भाग गया। वन विभाग का गश्ती दल हाथी को भगाने नहीं आया न ही हाथी को खेत में आने से किसी ने नही रोका। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथी भिक्कावाला के खेतों में भी आ रहे हैं । यहां खेतों में गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों विनोद काला, जितेन्द्र गोसाई आदि का कहना है कि हाथी ने गन्ने को नुक्सान पहुंचाया है। हाथी खेतों में आकर फसल को तहस नहस कर रहे हैं। रात्रि में खेतों में जाकर हाथी को भगाना जानलेवा हो रहा है।
किसान की मौत के बाद भी नहीं चेता वन विभाग
एक सप्ताह पूर्व जामनवाला गांव में खेत की रखवाली कर रहे किसान की जान एक हाथी ने ले ली थी। उसके बाद से क्षेत्र के किसानों में कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथियों की दहशत व्याप्त है। वन विभाग की गश्त के दावे हवाई साबित हुए हैं। सीमा पर उत्तर प्रदेश का वन विभाग कोई गश्त नही कर रहा है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व की गश्त भी केवल नाममात्र को होती नजर आ रही है। हाथी बसदस्तूर वनों से निकलकर भिक्कावाला, जामनवाला, मीरापुर, कल्लूवाला, मालोनी आदि के खेतों में पहुंच रहे हैं। अब किसान हाथी से इतना भयभीत है कि खेतों में जाकर भगाने से भी डर रहा है। वहीं हाथी गन्ने की फ़सलों को रौंद रहे हैं।
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गश्त बढ़ाई: रेंजर
कालागढ़ के वनक्षत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि सर्दी के कारण अक्सर वन्यजीव वनों से निकलकर आबादी की ओर आ जाते हैं। वन्यजीवों को रोकने के लिए गश्ती दलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं वन्यजीव आते हैं तो उनसे दूरी बनाए रखें। उनके नजदीक न जाएं। सूचना वन विभाग को फौरन दें।
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वनों से निकलकर एक हाथी मीरापुर गांव के अमरीक सिंह के निवास पर जा पहुंचा। हाथी ने घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। परिवार के सदस्यों ने बमुश्किल शोरशराबा कर हाथी को घर से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ दिया। शोरशराबा करते समय परिवार के सदस्यों ने किसी तरह से अपनी जान बचाई। इस दौरान परिवार की एक महिला गिरकर चोटिल हो गई। जगजीत सिंह ने बताया कि हाथी वनों से निकलकर सीधे उनके खेत में पहुंचा। खेत से घर की ओर आ गया। घर में घुसकर उत्पात मचाने लगा। उसने नई बन रही रसोई की दीवार, एक पिलर व गेट आदि को तोड़ दिया। हाथी की चिंघाड़ सुनकर घर के सभी सदस्य घबरा गए। पालतू कुत्ते भौंकने लगे। हाथी को घर में देखकर मौजूद बच्चों व महिलाओं ने जान बचाने को शोरशराबा शुरू कर दिया। उसकी भाभी अमनप्रीत कौर इस दौरान गिर गई। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने उसे बचाया। काफी देर तक शोरगुल मचता रहा। फिर वह हाथी सिंचाई विभाग की कालोनी की ओर भाग गया। वन विभाग का गश्ती दल हाथी को भगाने नहीं आया न ही हाथी को खेत में आने से किसी ने नही रोका। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथी भिक्कावाला के खेतों में भी आ रहे हैं । यहां खेतों में गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों विनोद काला, जितेन्द्र गोसाई आदि का कहना है कि हाथी ने गन्ने को नुक्सान पहुंचाया है। हाथी खेतों में आकर फसल को तहस नहस कर रहे हैं। रात्रि में खेतों में जाकर हाथी को भगाना जानलेवा हो रहा है।
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किसान की मौत के बाद भी नहीं चेता वन विभाग
एक सप्ताह पूर्व जामनवाला गांव में खेत की रखवाली कर रहे किसान की जान एक हाथी ने ले ली थी। उसके बाद से क्षेत्र के किसानों में कार्बेट टाइगर रिजर्व के हाथियों की दहशत व्याप्त है। वन विभाग की गश्त के दावे हवाई साबित हुए हैं। सीमा पर उत्तर प्रदेश का वन विभाग कोई गश्त नही कर रहा है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व की गश्त भी केवल नाममात्र को होती नजर आ रही है। हाथी बसदस्तूर वनों से निकलकर भिक्कावाला, जामनवाला, मीरापुर, कल्लूवाला, मालोनी आदि के खेतों में पहुंच रहे हैं। अब किसान हाथी से इतना भयभीत है कि खेतों में जाकर भगाने से भी डर रहा है। वहीं हाथी गन्ने की फ़सलों को रौंद रहे हैं।
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गश्त बढ़ाई: रेंजर
कालागढ़ के वनक्षत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि सर्दी के कारण अक्सर वन्यजीव वनों से निकलकर आबादी की ओर आ जाते हैं। वन्यजीवों को रोकने के लिए गश्ती दलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं वन्यजीव आते हैं तो उनसे दूरी बनाए रखें। उनके नजदीक न जाएं। सूचना वन विभाग को फौरन दें।