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‘आयुर्वेद का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका’
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‘आयुर्वेद का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका’
बिजनौर। जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर खारी में आयोजित मानसिक जागृति कार्यक्रम में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मन की स्वस्थता के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि आयुर्वेद और पंचकर्म का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका।
बुधवार को जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर, खारी आयुर्वेद-पंचकर्म चिकित्सा एवं ओपीडी की शुरुआत की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य संयम केंद्र के प्रेरणा स्रोत और प्रख्यात स्वास्थ्य विशेषज्ञ आईआईटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एसडी शर्मा के सानिध्य में यह कार्य किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद एक पुरातन चिकित्सा पद्धति है, जिसका विकास हजारों वर्षों के अनुभव एवं अभ्यास से हुआ है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका। आयुर्वेद इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें बीमारी को जड़ से खत्म करके शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
आयुर्वेद औषधियों एवं उपचार का कोई साइडइफेक्ट नहीं है, इसलिए यह पद्धति श्रेष्ठ मानी गई है। उन्होंने बताया कि जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर, खारी लंबे समय से समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के क्षेत्र में कार्यरत है। यहां लाभार्थी को भर्ती करके (आवासीय व्यवस्था) आयुर्वेद, योग प्राकृतिक चिकित्सा, फिजियोथेरेपी एवं भोजन पद्धति में बदलाव के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ एवं जटिल रोगों की चिकित्सा की जाती है। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश, प्रशांत महर्षि, महाराज सिंह विजयपाल यादव, डॉ. रण सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर खारी में आयोजित मानसिक जागृति कार्यक्रम में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मन की स्वस्थता के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि आयुर्वेद और पंचकर्म का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका।
बुधवार को जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर, खारी आयुर्वेद-पंचकर्म चिकित्सा एवं ओपीडी की शुरुआत की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य संयम केंद्र के प्रेरणा स्रोत और प्रख्यात स्वास्थ्य विशेषज्ञ आईआईटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एसडी शर्मा के सानिध्य में यह कार्य किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आयुर्वेद एक पुरातन चिकित्सा पद्धति है, जिसका विकास हजारों वर्षों के अनुभव एवं अभ्यास से हुआ है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का अर्थ है जीवन जीने का सही तरीका। आयुर्वेद इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें बीमारी को जड़ से खत्म करके शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है।
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आयुर्वेद औषधियों एवं उपचार का कोई साइडइफेक्ट नहीं है, इसलिए यह पद्धति श्रेष्ठ मानी गई है। उन्होंने बताया कि जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोविंदपुर, खारी लंबे समय से समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के क्षेत्र में कार्यरत है। यहां लाभार्थी को भर्ती करके (आवासीय व्यवस्था) आयुर्वेद, योग प्राकृतिक चिकित्सा, फिजियोथेरेपी एवं भोजन पद्धति में बदलाव के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ एवं जटिल रोगों की चिकित्सा की जाती है। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश, प्रशांत महर्षि, महाराज सिंह विजयपाल यादव, डॉ. रण सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
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