{"_id":"5c3a3729bdec22737b7b6cbb","slug":"jcb-runs-two-houses-in-bijnor","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो मकानों पर प्रशासन ने चलाई जेसीबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो मकानों पर प्रशासन ने चलाई जेसीबी
Sun, 13 Jan 2019 12:21 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:21 AM IST
विज्ञापन
कोतवाली देहात के ग्राम महमूदपुर भावता में मकान गिराती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली देहात में ग्राम प्रधान और प्रशासन की कार्रवाई के कारण एक महिला और उसके देवर ने परिजनों सहित गांव से पलायन कर लिया। पीड़ित अपने पशुओं को गांव में ही छोड़ गए। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने गांव महमूदपुर भावता में खलियान की भूमि पर बने मकानों को कब्जाधारी महिला व उसके देवर के गांव से पलायन के बाद उनकी गैर मौजूदगी में जेसीबी से मकानों को ध्वस्त कराकर कब्जा मुक्त करा दिया। पुलिस प्रशासन कब्जाधारकों के मकान के ताले तोड़कर घरों के अंदर का सामान व पशुओं को गांव के राशन डीलर, सफाई कर्मचारी व एक ग्रामीण की सुपुर्दगी में दे दिया।
गांव महमूदपुर भावता निवासी ग्राम प्रधान अरुण कुमार व भूमि संरक्षण अध्यक्ष नीरज कुमार ने हाईकोर्ट में दायर एक वाद में कहा है कि गांव की महिला धनवती व उसके देवर ओमप्रकाश आदि ने कई दशक से मकान बना कर अवैध कब्जा कर रखा है। हाईकोर्ट ने खलियान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के आदेश कर दिए थे। इसे कब्जा मुक्त कराने के लिए नगीना तहसील प्रशासन ने कई बार प्रयास किए, लेकिन भूमि कब्जा मुक्त नहीं हो पाई। तहसील प्रशासन और ग्राम प्रधान ने धनवती और ओमप्रकाश को शीघ्र ही जमीन कब्जा मुक्त करने की चेतावनी दी थी। महिला और उसके देवर ने अपने घरों पर लिखवाया है कि वे ग्राम प्रधान और प्रशासन की प्रताड़ना से तंग आकर पलायन कर रहे हैं। पीड़ित अपने परिजनों समेत गांव से चले गए। उन्होंने पशुओं को गांव में छोड़ दिया। तहसीलदार देवेंद्र पांडेय, कानूनगो सुरेंद्र कौशिक, गजराज सिंह, लेखपाल त्रिलोकीनाथ, प्रेमपाल सिंह, रामकुमार सिंह, संगीता, राजपाल आदि थाना कोतवाली देहात प्रभारी राकेश कुमार सिंह व प्रभारी कानून व्यवस्था लव सिरोही सर्किल क्षेत्र के थाना नगीना, नगीना देहात, बढ़ापुर की पुलिस टीम के साथ दो जेसीबी लेकर गांव में पहुंची।
शनिवार को टीम ने महिला तथा उसके देवर के मकान को उनकी अनुपस्थिति में दोनों के घर के ताले तोड़ दिए और दोनों घरों का सामान घर से बाहर निकलवाया और जेसीबी चलाकर मकान ध्वस्त करा दिए। इतना ही नहीं पुलिस-प्रशासन ने ध्वस्त मकानों की ईंट व मलबा पास में बने तालाब में डाल दिया और भूमि को पूर्ण रूप से कब्जा मुक्त करा दिया। पुलिस-प्रशासन ने महिला धनवती व ओम प्रकाश के घर के अंदर से निकाले सामान को राशन डीलर तारा चंद व सफाई कर्मचारी दानीराम की सुपुर्दगी में दे दिया, जबकि उनके पशुओं को पशुओं को गांव के गिरधारी की सुपुर्दगी में दे दिया।
विज्ञापन
राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक के अनुसार 22 दिसंबर को भूमि कब्जा मुक्त कराने गई राजस्व विभाग की टीम के सामने महिला धनवती ने अपने पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक ने महिला के विरुद्ध आत्मदाह करने के प्रयास, उसके देवर, पांच अन्य महिलाओं के खिलाफ आत्मदाह करने के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
गांव महमूदपुर भावता निवासी ग्राम प्रधान अरुण कुमार व भूमि संरक्षण अध्यक्ष नीरज कुमार ने हाईकोर्ट में दायर एक वाद में कहा है कि गांव की महिला धनवती व उसके देवर ओमप्रकाश आदि ने कई दशक से मकान बना कर अवैध कब्जा कर रखा है। हाईकोर्ट ने खलियान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के आदेश कर दिए थे। इसे कब्जा मुक्त कराने के लिए नगीना तहसील प्रशासन ने कई बार प्रयास किए, लेकिन भूमि कब्जा मुक्त नहीं हो पाई। तहसील प्रशासन और ग्राम प्रधान ने धनवती और ओमप्रकाश को शीघ्र ही जमीन कब्जा मुक्त करने की चेतावनी दी थी। महिला और उसके देवर ने अपने घरों पर लिखवाया है कि वे ग्राम प्रधान और प्रशासन की प्रताड़ना से तंग आकर पलायन कर रहे हैं। पीड़ित अपने परिजनों समेत गांव से चले गए। उन्होंने पशुओं को गांव में छोड़ दिया। तहसीलदार देवेंद्र पांडेय, कानूनगो सुरेंद्र कौशिक, गजराज सिंह, लेखपाल त्रिलोकीनाथ, प्रेमपाल सिंह, रामकुमार सिंह, संगीता, राजपाल आदि थाना कोतवाली देहात प्रभारी राकेश कुमार सिंह व प्रभारी कानून व्यवस्था लव सिरोही सर्किल क्षेत्र के थाना नगीना, नगीना देहात, बढ़ापुर की पुलिस टीम के साथ दो जेसीबी लेकर गांव में पहुंची।
विज्ञापन
शनिवार को टीम ने महिला तथा उसके देवर के मकान को उनकी अनुपस्थिति में दोनों के घर के ताले तोड़ दिए और दोनों घरों का सामान घर से बाहर निकलवाया और जेसीबी चलाकर मकान ध्वस्त करा दिए। इतना ही नहीं पुलिस-प्रशासन ने ध्वस्त मकानों की ईंट व मलबा पास में बने तालाब में डाल दिया और भूमि को पूर्ण रूप से कब्जा मुक्त करा दिया। पुलिस-प्रशासन ने महिला धनवती व ओम प्रकाश के घर के अंदर से निकाले सामान को राशन डीलर तारा चंद व सफाई कर्मचारी दानीराम की सुपुर्दगी में दे दिया, जबकि उनके पशुओं को पशुओं को गांव के गिरधारी की सुपुर्दगी में दे दिया।
विज्ञापन
राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक के अनुसार 22 दिसंबर को भूमि कब्जा मुक्त कराने गई राजस्व विभाग की टीम के सामने महिला धनवती ने अपने पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक ने महिला के विरुद्ध आत्मदाह करने के प्रयास, उसके देवर, पांच अन्य महिलाओं के खिलाफ आत्मदाह करने के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।