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फितरत बन गई है ट्रैफिक नियमों को तोड़ना
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बिजनौर में बाइक पर बच्चों सहित जाते पांच लोग।
- फोटो : BIJNOR
फितरत बन गई है ट्रैफिक नियमों को तोड़ना
बिजनौर। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का शनिवार को समापन हो गया। इसके बावजूद लोग अपने पुराने ही ढर्रे पर है। लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने में अपनी शेखी समझते हैं। अधिकांश मामलों में यातायात नियमों का पालन न करने के कारण ही आए दिन सड़कें खून से लाल होती रहती हैं।
जीवन बड़ा अनमोल है। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा को आधार मानते हुए शासन-प्रशासन लोगों को यातायात नियमों का पालने करने के प्रति जागरूक करता है। कभी विचार गोष्ठियों के माध्यम से तो कभी जागरूकता रैलियां निकालकर। लोग यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरुक हों। इसके लिए सरकारें करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाती हैं। इसके बाद भी लोगों में सुधार आने को तैयार नहीं है। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया गया। रविवार को यह समाप्त भी हो गया। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अफसरों की मानें तो नियम तोड़ने वालों में करीब 80 फीसदी दोपहिया वाहन चालक होते हैं। साल की शुरुआत से अब तक करीब साढ़े चार हजार वाहन चालकों के चालान किये गए। इसके अलावा लगभग दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा के अनुसार यातायात सप्ताह में प्रथम दिन से लेकर अंतिम दिन तक वाहन चालकों को विभिन्न प्रकार से जागरूक करने का प्रयास किया गया। लगभग 78 प्रतिशत से भी अधिक लोगों ने यातायात नियमों का पालन करने में रुचि नहीं ली, जो बेहद ही चिंता का विषय है। एआरटीओ ने कहा कि सभी लोगों को हर हालत में यातायात नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।
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बिजनौर। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का शनिवार को समापन हो गया। इसके बावजूद लोग अपने पुराने ही ढर्रे पर है। लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने में अपनी शेखी समझते हैं। अधिकांश मामलों में यातायात नियमों का पालन न करने के कारण ही आए दिन सड़कें खून से लाल होती रहती हैं।
जीवन बड़ा अनमोल है। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा को आधार मानते हुए शासन-प्रशासन लोगों को यातायात नियमों का पालने करने के प्रति जागरूक करता है। कभी विचार गोष्ठियों के माध्यम से तो कभी जागरूकता रैलियां निकालकर। लोग यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरुक हों। इसके लिए सरकारें करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाती हैं। इसके बाद भी लोगों में सुधार आने को तैयार नहीं है। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया गया। रविवार को यह समाप्त भी हो गया। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अफसरों की मानें तो नियम तोड़ने वालों में करीब 80 फीसदी दोपहिया वाहन चालक होते हैं। साल की शुरुआत से अब तक करीब साढ़े चार हजार वाहन चालकों के चालान किये गए। इसके अलावा लगभग दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा के अनुसार यातायात सप्ताह में प्रथम दिन से लेकर अंतिम दिन तक वाहन चालकों को विभिन्न प्रकार से जागरूक करने का प्रयास किया गया। लगभग 78 प्रतिशत से भी अधिक लोगों ने यातायात नियमों का पालन करने में रुचि नहीं ली, जो बेहद ही चिंता का विषय है। एआरटीओ ने कहा कि सभी लोगों को हर हालत में यातायात नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।
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