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Bijnor News: जमीन नहीं मिलने से अटका आईपीएचएल का काम
Thu, 12 Dec 2024 11:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:23 AM IST
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बिजनौर। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (आईपीएचएल) बनाने का प्रस्ताव तैयार था। मगर जमीन नहीं मिलने से लैबोरेट्री का काम अटक गया है।
शासन की ओर से साल 2022 में महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल आईपीएचएल बनाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए करीब आठ हजार वर्ग फुट जगह की आवश्यकता है। मगर इतनी जमीन नहीं मिलने की वजह से निर्माण कार्य अभी तक अटका हुआ था। बाद में प्राचार्या ने महिला अस्पताल में जगह चिह्नित की। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड ने निर्माण के लिए 70 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। कार्य के लिए ठेकेदार को काम दे दिया, लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं हुआ है।
कार्यदायी संस्था के जेई कौशल कुमार का कहना है कि सैंपल कलेक्शन नीचे और लैब दूसरे तल पर बनाई जानी थी। चिन्हित जगह पर काम शुरू नहीं हो सका है। उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जा रही है।
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- आईपीएचएल में होती है 90 बीमारियों की जांच
आईपीएचएल बनने के बाद सभी जांच एक ही छत के नीचे हो सकेंगी। आईपीएचएल में 90 तरह की जांच की जाती हैं। जिसमें कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, कालाजार, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, डायरिया, टायफाइड, हेपेटाइटिस, कैंसर, अल्जाइमर सहित अन्य जांच शामिल हैं।
वर्जन : मेडिकल अस्पताल में आईपीएचएल बनने से जांच सुविधा बढ़ेंगी। विभागीय कारणों से अभी लैबोरेट्री का कार्य अटका हुआ है। समस्याओं को सुलझाने के बाद जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। - डॉ. उर्मिला कार्या, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
शासन की ओर से साल 2022 में महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल आईपीएचएल बनाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए करीब आठ हजार वर्ग फुट जगह की आवश्यकता है। मगर इतनी जमीन नहीं मिलने की वजह से निर्माण कार्य अभी तक अटका हुआ था। बाद में प्राचार्या ने महिला अस्पताल में जगह चिह्नित की। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड ने निर्माण के लिए 70 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। कार्य के लिए ठेकेदार को काम दे दिया, लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं हुआ है।
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कार्यदायी संस्था के जेई कौशल कुमार का कहना है कि सैंपल कलेक्शन नीचे और लैब दूसरे तल पर बनाई जानी थी। चिन्हित जगह पर काम शुरू नहीं हो सका है। उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जा रही है।
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- आईपीएचएल में होती है 90 बीमारियों की जांच
आईपीएचएल बनने के बाद सभी जांच एक ही छत के नीचे हो सकेंगी। आईपीएचएल में 90 तरह की जांच की जाती हैं। जिसमें कोरोना, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, कालाजार, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम, डायरिया, टायफाइड, हेपेटाइटिस, कैंसर, अल्जाइमर सहित अन्य जांच शामिल हैं।
वर्जन : मेडिकल अस्पताल में आईपीएचएल बनने से जांच सुविधा बढ़ेंगी। विभागीय कारणों से अभी लैबोरेट्री का कार्य अटका हुआ है। समस्याओं को सुलझाने के बाद जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। - डॉ. उर्मिला कार्या, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर