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बाघिन की मौत की जांच शुरू, वनरक्षक को किया संबद्ध

Wed, 16 Nov 2022 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:30 PM IST
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Investigation into tigress's death started, attached to forest guard
बाघिन की मौत की जांच शुरू, वनरक्षक को किया संबद्ध
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कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व की मंदाल रेंज में 14 नवंबर को वन विभाग की बंदूक के फायर के बाद एक बाघिन की मौत मरचूला के बाजार में हो गई थी। इस मामले में उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए, जिस पर कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक ने जांच करते हुए वनरक्षक धीरज सिंह को प्लेन रेंज से संबद्ध कर दिया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व की मंदाल रेंज से निकली एक बाघिन 14 नवंबर को मरचूला के बाजार में जा पहुंची थी। सूचना मिलने पर मंदाल रेंज की टीम ने बाजार में जाकर बाघिन को रेस्क्यू करने का प्रयास किया। वन रक्षक मोहन चंद भट्ट ने नौ राउंड फायर किए। बाघिन के और अधिक क्रोधित होने पर मौके पर मौजूद वन रक्षक ने बाघिन को जंगल में खदेड़ने के लिए दो राउंड फायर किए। इस दौरान बाघिन के छर्रे लगने पर उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्य वन्य जंतु प्रतिपालक ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक को जांच के आदेश दिए।
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जांच अधिकारी कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ.धीरज पांडेय ने बताया कि वन रक्षक धीरज सिंह ने जनता को बचाने के लिए फायर किए। इस दौरान एक राउंड के छर्रे बाघिन की जांघ में लग गई और उसकी मृत्यु हो गई। बाघिन के शव को कालागढ़ उपवन प्रभाग के ढेला रेस्क्यू सेंटर में लाया गया, जहां कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार शर्मा एवं नैनीताल चिड़ियाघर के वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी हिमांशु पांगती ने उसका पोस्टमार्टम किया। बाघिन के दाहिने पैर में छर्रे लगने से अधिक रक्तस्राव होने से उसकी मृत्यु होने की बात रिपोर्ट में आई। इस मामले में वन आरक्षी धीरज सिंह के खिलाफ वन अपराध जारी किया गया है। उसे सेंधीखाल की प्लेन रेंज से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच सोनानदी के उप प्रभागीय वनाधिकारी हरीश नेगी को सौंप दी गई है। बाघिन के शव को पोस्टमार्टम के बाद जला दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार अधिकारी व एनजीओ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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