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किसानों ने गन्ना मूल्य वृद्धि को नाकाफी बताया
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:13 AM IST
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बिजनौर में चुनावी साल में प्रदेश सरकार द्वारा तीन साल बाद गन्ने के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। अर्ली प्रजाति के गन्ने का मूल्य 290 रुपये से बढ़ाकर 315 रुपये व सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 280 रुपये से बढ़ाकर 305 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। हालांकि किसानों को इस बार गन्ना भुगतान एकमुश्त मिलेगा, लेकिन जिले के किसान इस वृद्धि को नाकाफी बता रहे हैं।
बीते पेराई सत्र में जिले के किसानों ने रिकवरी में महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया था। प्रति क्विंटल गन्ने से 13 किलो चीनी की रिकवरी तक निकली थी। चार साल से एक ही मूल्य रहने के बाद किसान इस साल गन्ना मूल्य में कम से कम 50 रुपये बढ़ने की उम्मीद जता रहे थे। किसान नेता गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। खुद चीनी मिल के अधिकारी भी गन्ना मूल्य में कम से कम 40 रुपये वृद्धि होने की बात कह रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा अर्ली व सामान्य प्रजाति के गन्ने पर मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की ही वृद्धि की गई। हालांकि इस बार गन्ने का भुगतान किस्तों के बजाए एकमुश्त कराने की बात कही है।
चीनी की बढ़ी है रिकवरी
एक क्विंटल गन्ने से करीब 12 किलो चीनी तक बनती है। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम खोई व साढ़े चार किलोग्राम शीरा बनता है। शुगर मिलें शीरे से एथनॉल भी बनाती हैं। जिले में किसानों द्वारा अगेती प्रजाति का गन्ना बोए जाने के कारण चीनी की रिकवरी बढ़ी है।
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किसानों का उड़ाया मजाक
भाकियू युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह के अनुसार चौथे साल में गन्ना मूल्य में केवल 25 रुपये की वृद्धि कर किसानों का मजाक उड़ाया है। शुगर मिलें मोटा मुनाफा कमा रही हैं, फिर भी सरकार ने उनका अरबों रुपये का कर्ज माफ कर दिया। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मूल्य में इतनी कम वृद्धि का विरोध किया जाएगा।
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बीते पेराई सत्र में जिले के किसानों ने रिकवरी में महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया था। प्रति क्विंटल गन्ने से 13 किलो चीनी की रिकवरी तक निकली थी। चार साल से एक ही मूल्य रहने के बाद किसान इस साल गन्ना मूल्य में कम से कम 50 रुपये बढ़ने की उम्मीद जता रहे थे। किसान नेता गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। खुद चीनी मिल के अधिकारी भी गन्ना मूल्य में कम से कम 40 रुपये वृद्धि होने की बात कह रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा अर्ली व सामान्य प्रजाति के गन्ने पर मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की ही वृद्धि की गई। हालांकि इस बार गन्ने का भुगतान किस्तों के बजाए एकमुश्त कराने की बात कही है।
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चीनी की बढ़ी है रिकवरी
एक क्विंटल गन्ने से करीब 12 किलो चीनी तक बनती है। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम खोई व साढ़े चार किलोग्राम शीरा बनता है। शुगर मिलें शीरे से एथनॉल भी बनाती हैं। जिले में किसानों द्वारा अगेती प्रजाति का गन्ना बोए जाने के कारण चीनी की रिकवरी बढ़ी है।
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किसानों का उड़ाया मजाक
भाकियू युवा जिलाध्यक्ष लाल सिंह के अनुसार चौथे साल में गन्ना मूल्य में केवल 25 रुपये की वृद्धि कर किसानों का मजाक उड़ाया है। शुगर मिलें मोटा मुनाफा कमा रही हैं, फिर भी सरकार ने उनका अरबों रुपये का कर्ज माफ कर दिया। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। मूल्य में इतनी कम वृद्धि का विरोध किया जाएगा।