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स्टेट क्वालिटी मानीटर ने छह ब्लाक के मनरेगा कार्यों का किया निरीक्षण
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बिजनौर। शासन की मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता पर पैनी निगाह है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टेट क्वालिटी मॉनिटर टीम को असलियत जानने को जिले में भेजा गया है। टीम ने छह ब्लॉक का आन द स्पॉट निरीक्षण किया। टीम को इज्जतघरों की निर्माण क्वालिटी सूबे में बेहतर मिली है।
जिले में मनरेगा में बड़े पैमाने पर काम हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन में आए प्रवासी कामगारों समेत मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिले में मनरेगा के अंतर्गत खूब काम हुए हैं। गांवों में तालाब खुदाई, चकरोड, पशुशाला निर्माण आदि के काम चल रहे हैं। अब शासन मनरेगा कामों की जमीनी हकीकत जानने में जुटा है।
शासन से स्टेट क्वालिटी मानीटर पी डी शर्मा की अगुवाई में टीम पांच दिसंबर को जिले में आई थी। शर्मा ने बताया कि जिले में करीब डेढ़ लाख कामगार मनरेगा में जॉब कार्ड धारक हैं। मजदूरों को रोस्टर के अनुसार काम मिल रहा है। टीम ने रैंडम आधार पर चयनित नजीबाबाद, कोतवाली, जलीलपुर, नूरपुर, हल्दौर,व किरतपुर ब्लाक के गांवों के 16 से अधिक कार्य का स्पाट निरीक्षण किया है। कहा कि शासन की मंशा है कि कराए गए काम का लोगों को फायदा मिले। मनरेगा में संपत्ति सृजन के काम हों। मिट्टी के काम के मुकाबले स्थायित्व के काम हों। लोगों का फीडबैक भी लिया गया है। मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के ग्राम रावली में बने इज्जतघर प्रभावित करने वाले थे। सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा से किरतपुर वह नहटोर ब्लाक के दूरस्थ क्षेत्रों में बनाई गई 26 किमी रास्ते का किसान लाभ उठा रहे हैं।
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डीएम को दिया फीडबैक
बिजनौर। शासन से मनरेगा के कार्यों की जांच करने आए स्टेट क्वालिटी मॉनिटर पीडी शर्मा ने बताया कि उन्होंने डीएम रमाकांत पांडेय को मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता के बारे में फीडबैक दिया है। सुधार के लिए सुझाव भी दिए हैं। बताया कि वह अपनी निरीक्षण रिपोर्ट शासन को देंगे।
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जिले में मनरेगा में बड़े पैमाने पर काम हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन में आए प्रवासी कामगारों समेत मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिले में मनरेगा के अंतर्गत खूब काम हुए हैं। गांवों में तालाब खुदाई, चकरोड, पशुशाला निर्माण आदि के काम चल रहे हैं। अब शासन मनरेगा कामों की जमीनी हकीकत जानने में जुटा है।
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शासन से स्टेट क्वालिटी मानीटर पी डी शर्मा की अगुवाई में टीम पांच दिसंबर को जिले में आई थी। शर्मा ने बताया कि जिले में करीब डेढ़ लाख कामगार मनरेगा में जॉब कार्ड धारक हैं। मजदूरों को रोस्टर के अनुसार काम मिल रहा है। टीम ने रैंडम आधार पर चयनित नजीबाबाद, कोतवाली, जलीलपुर, नूरपुर, हल्दौर,व किरतपुर ब्लाक के गांवों के 16 से अधिक कार्य का स्पाट निरीक्षण किया है। कहा कि शासन की मंशा है कि कराए गए काम का लोगों को फायदा मिले। मनरेगा में संपत्ति सृजन के काम हों। मिट्टी के काम के मुकाबले स्थायित्व के काम हों। लोगों का फीडबैक भी लिया गया है। मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के ग्राम रावली में बने इज्जतघर प्रभावित करने वाले थे। सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा से किरतपुर वह नहटोर ब्लाक के दूरस्थ क्षेत्रों में बनाई गई 26 किमी रास्ते का किसान लाभ उठा रहे हैं।
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डीएम को दिया फीडबैक
बिजनौर। शासन से मनरेगा के कार्यों की जांच करने आए स्टेट क्वालिटी मॉनिटर पीडी शर्मा ने बताया कि उन्होंने डीएम रमाकांत पांडेय को मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता के बारे में फीडबैक दिया है। सुधार के लिए सुझाव भी दिए हैं। बताया कि वह अपनी निरीक्षण रिपोर्ट शासन को देंगे।