फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Increasing number of Guldar became a challenge

बिजनौर वन प्रभाग में चिह्नित किए गए थे 54 गुलदार

Fri, 17 Jan 2020 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
Increasing number of Guldar became a challenge
गुलदारों की बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिए बनी चुनौती
विज्ञापन

नजीबाबाद(बिजनौर)। बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में गुलदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वाइल्ड लाइफ की दृष्टि से गुलदारों की संख्या बढ़ना विभाग के लिए सुखद है लेकिन गुलदारों के आबादी के बीच आकर आदमखोर बनने से ग्रामीण भयभीत हैं।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद ने 9 से 23 मई 2019 तक वन्य जीव गणना कराई थी। नजीबाबाद के अंतर्गत 5 वन रेंज कौड़िया, साहनपुर, राजगढ़, बढ़ापुर और साहूवाला आते हैं। आठ माह पूर्व वन्य जीव गणना के आंकड़ों में गुलदारों की संख्या 54 चिह्नित किए गए थे। इनमें 25 नर, 16 मादा, 13 गुलदार के बच्चे चिह्नित हुए थे। गुलदार के बच्चे भी पूर्णत: विकसित हो चुके हैं। वन्य जीव गणना के बाद से गुलदारों की संख्या बढ़ने से वन विभाग इंकार नहीं करता। डीएफओ डॉ. एमके शुक्ला का कहना है कि आमतौर पर जनवरी फरवरी में गुलदारों का कुनबा बढ़ता है। वाइल्ड लाइफ की दृष्टि से वन्य जीव जंतुओं की बढ़ोतरी सुखद मानी जाती है।
विज्ञापन

वन अधिकारियों का दावा है कि गुलदार आमतौर पर 50 से 60 किलोमीटर रेंज में भ्रमण करता है। नजीबाबाद वन सीमा से अमानगढ़ वन रेंज से अतिरिक्त राजाजी नेशनल पार्क, कार्बेट नेशनल पार्क तथा अन्य वन्य क्षेत्र लगा है। यहां से भी गुलदारों का बिजनौर वन प्रभाग क्षेत्र में आना स्वाभाविक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

छोटे जानवरों को शिकार बनाता है गुलदार
नजीबाबाद। गुलदार अपने भोजन के रूप में मुख्य रूप से चीतल के बच्चे, नीलगाय के बच्चे, जंगली मुर्गा, कुत्ते और छोटे जंगली जानवरों को अपना शिकार बनाते हैं। जंगलों से बाहर आने पर गुलदार की निगाह कुत्तों पर होती है। इसी बीच गुलदार इंसानों पर भी हमला करने से नहीं चूकते। नजीबाबाद वन क्षेत्र में वन्य जीव गणना में सर्वाधिक वन्य जीव के रूप में लगभग 1400 चीतल, 1067 वनरोज, 451 सियार चिह्नित किए गए हैं।

--
खेतों के पास से गुजरना भी खतरे से खाली नहीं
नजीबाबाद। गुलदारों के बढ़ते हमले से ग्रामीण भयभीत हैं। कई क्षेत्रों में ग्रामीणों के लिए गन्ने की फसल काटना सुरक्षा की दृष्टि से मुसीबत बनता जा रहा है। समूह में किसान और मजदूर गन्ना काटने जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ने के खेतों के आसपास से गुजरना लोगों के लिए जोखिम बन चुका है। ऐसे क्षेत्रों में स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed