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बिगड़ी दिनचर्या से बढ़ा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
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बिगड़ी दिनचर्या से बढ़ा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
बिजनौर। बिगड़ते खानपान और बढ़ते साधनों की वजह से लोगों में तमाम तरह की बीमारी पैदा हो रही हैं। कैंसर, हृदय रोग की तरह ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी भी आम हो गई है। जो व्यक्ति की खराब दिनचर्या की ओर इशारा करती है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और मोटापा ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 4 से 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में रोजाना 40 से 50 लोग डायबिटीज के आ रहे हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज के दौर में डायबिटीज आम बीमारी हो गई है। डॉक्टरों की मानें तो जिले में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर बढ़ने और मोटापे की वजह से लोगों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक के रोजाना 4 से 5 मरीज उपचार कराने आ रहे हैं। मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों में खून सही ढंग से नहीं पहुंचने से ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन के सही ढंग से न पहुंचने पर भी स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है। जब दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुक जाता है, तब दिमाग में खून का थक्का जम जाने से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
- व्यक्ति को चक्कर आता है
- व्यक्ति को उल्टी आती है
- शरीर या हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं
- जुबान लड़खड़ाने लगती है
ब्रेन स्ट्रोक से बचाव
- नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए
- शराब का सेवन नहीं करना चाहिए
- प्रदूषित वातावरण से दूर रहें
- तेल, चिकनाई का ज्यादा सेवन न करें
बुजुर्गों में होता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 4 से 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा दिखाई दे रही है। आज के दौर में लोग भाग-दौड़ का काम कम करते हैं, जिसकी वजह से ये समस्याएं ज्यादा दिखाई दे रही हैं।
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बिजनौर। बिगड़ते खानपान और बढ़ते साधनों की वजह से लोगों में तमाम तरह की बीमारी पैदा हो रही हैं। कैंसर, हृदय रोग की तरह ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी भी आम हो गई है। जो व्यक्ति की खराब दिनचर्या की ओर इशारा करती है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और मोटापा ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 4 से 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में रोजाना 40 से 50 लोग डायबिटीज के आ रहे हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज के दौर में डायबिटीज आम बीमारी हो गई है। डॉक्टरों की मानें तो जिले में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर बढ़ने और मोटापे की वजह से लोगों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक के रोजाना 4 से 5 मरीज उपचार कराने आ रहे हैं। मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों में खून सही ढंग से नहीं पहुंचने से ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन के सही ढंग से न पहुंचने पर भी स्ट्रोक की स्थिति बन जाती है। जब दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह रुक जाता है, तब दिमाग में खून का थक्का जम जाने से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है।
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ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
- व्यक्ति को चक्कर आता है
- व्यक्ति को उल्टी आती है
- शरीर या हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं
- जुबान लड़खड़ाने लगती है
ब्रेन स्ट्रोक से बचाव
- नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए
- शराब का सेवन नहीं करना चाहिए
- प्रदूषित वातावरण से दूर रहें
- तेल, चिकनाई का ज्यादा सेवन न करें
बुजुर्गों में होता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 4 से 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा दिखाई दे रही है। आज के दौर में लोग भाग-दौड़ का काम कम करते हैं, जिसकी वजह से ये समस्याएं ज्यादा दिखाई दे रही हैं।
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