फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Increased demand for organic jaggery laddus made in the district abroad

जिले में बने जैविक गुड़ के लड्डू की विदेशों में बढ़ी मांग

Tue, 24 May 2022 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
Increased demand for organic jaggery laddus made in the district abroad
मंडावर से विदेश जाने वाले जैविक गुड़ का निरीक्षण करने पहुंचे सहायक चीनी आयुक्त। - फोटो : BIJNOR
जिले में बने जैविक गुड़ के लड्डू की विदेशों में बढ़ी मांग
विज्ञापन

बिजनौर। जिले का जैविक गुड़ और उससे बने लड्डू विदेशियों को खूब भाने लगे हैं। विदेशों में जैविक गुड़ की मांग तीन माह में बढ़कर दोगुनी हो गई है। जिससे गुड़ उत्पादकों को नई ऊर्जा मिली है, साथ ही इससे किसानों की आय बढ़ी है। सोमवार को सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने टीम के साथ संस्थान का निरीक्षण कर जैविक गुड़ की गुणवत्ता परखी।
जिला कृषि क्षेत्र में एक जिला, एक उत्पाद में चयनित है। जिले में गन्ना मुख्य फसल है और गुड़, चीनी तथा खांडसारी मुख्य कृषि उत्पाद हैं। जिले में गुड़ लड्डू की शक्ल में बनता है और गुजरात, दिल्ली, बिहार आदि राज्यों को सप्लाई होता है। यहां बना जैविक गुड़ जिले में आए विदेशी सैलानियों एवं व्यापारियों ने खूब पसंद किया। विदेशों में जैविक गुड़ की मांग होने लगी। कस्बा मंडावर की संस्था हेल्थमिस्ट आयल एंड फूड कंपनी नमामि गंगे परियोजना में अधिग्रहीत है। संस्था ने केंद्र की नई निर्यात नीति से प्रेरित होकर जिले में जैविक गुड़ का निर्यात शुरू किया। करीब तीन माह पहले जिले से जैविक गुड़ का पहला कंटेनर खाड़ी देशों में भेजा गया। सीडीओ केपी सिंह ने कंटेनर को रवाना किया था। सोमवार को सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने जैविक गुड़ की गुणवत्ता परखने के लिए संस्थान का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

इन देशों में हो रही मांग
संस्थान के मालिक कासिम अख्तर ने सहायक चीनी आयुक्त को बताया कि पहला कंटेनर जद्दा भेजा गया। लोगों ने जिले के जैविक गुड़ को खूब पसंद किया। अब तो कतर, सिंगापुर, बांग्लादेश आदि देशों से जैविक गुड़ की डिमांड आ रही है। जिले से विदेश भेजे जाने वाले गुड़ की गुणवत्ता व शुद्धता की तीन स्तरीय जांच होती है। संस्था किसानों से 60 रुपये प्रति किलो जैविक गुड़ खरीदती है, जो विदेशों में 185 रुपये प्रति किलो बिकता है। केंद्र की निर्यात नीति से उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला, गुड़ के निर्यात पर टेक्स भी कम किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानमंत्री का सपना हो रहा साकार
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि इस योजना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है। गुड़ निर्माताओं को प्रति किलो 20 रुपये अधिक मिल रहे हैं। किसान का गन्ना अच्छे रेट पर बिक रहा है। देश की विदेशी मुद्रा बढ़ी है। प्रधानमंत्री का किसानों की आय दोगुना करने का सपना साकार हो रहा है। स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिला, जिससे जिले में नांगलसोती, किरतपुर, मंडावर क्षेत्रों में जैविक गुड़ बड़े पैमाने पर बन रहा है। डीएम उमेश मिश्रा जैविक गुड़ के निर्यात को बढ़ावा देने में दिलचस्पी ले रहे हैं। किसानों को जैविक गुड़ बनाने को प्रेरित किया जा रहा है। जैविक गुड़ रसायन रहित होता है। गुड़ का प्राकृतिक रंग ब्राउन होता है, लेकिन केमिकल से यह सफेद रंग लाया जाता है। इसके लिए सल्फोनाइट व फास्फोरिक एसिड का इस्तेमाल होता है। दोनों ही रसायन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इससे गले, मुंह तथा फेफड़ों की बीमारी हो सकती है।

डॉ. यशपाल सत्य ने की जिले में जैविक गुड़ की शुरुआत
जिले में जैविक गुड़ बनाने की शुरुआत हल्दौर ब्लॉक के गांव मोहनपुर चांदा नंगली से हुई। गांव के डॉ. यशपाल सत्य आईआईटी दिल्ली में वैज्ञानिक/ प्रोफेसर थे। डॉ. सत्य ने सबसे पहले अपने खेतों में रासायनिक खाद रहित गन्ने का उत्पादन किया। जैविक गुड़ बनाया। दिल्ली में जैविक गुड़ पसंद किया गया। अपने शोधकाल में डॉ. सत्य ने अमेरिका के विश्वविद्यालयों की सेमीनार में जैविक गुड़ के फायदे गिनाए। इसके बाद जैविक गुड़ की अमेरिका में भी मांग होने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed