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बारिश से बढ़ी ठंडक, जनजीवन अस्तव्यस्त
Thu, 21 Feb 2019 12:16 AM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:16 AM IST
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बिजनौर में बारिश में छाता लगाकर जाती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर जिले में हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ गई। दिन भर रुक-रुक कर हवा के साथ बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने गेहूं की फसल को छोड़कर आलू, सरसों, आम के बौर के लिए नुकसानदायक है। साथ ही अगले 48 घंटों में कहीं कहीं बारिश होने और बादल छाए रहने की संभावना व्यक्त की है।
बुधवार को सुबह से ही हवा के साथ बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। दिन भर रुक रुक कर बारिश होती रही। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जिले का न्यूनतम तापमान 19.8 और न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय आर्द्रता 96 और दोपहर के समय आर्द्रता 70 प्रतिशत दर्ज की गई। नगीना स्थित मौसम वैधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार बुधवार को बारिश नापने लायक नहीं हुई। उन्होंने अगले 48 घंटे में अगले घने बादल छाए रहने और करीब दो से चार एमएम तक बारिश होने का अनुमान बताया है। प्रेक्षक ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए मुफीद है। आलू, सरसों, आम के बौर के लिए प्रतिकूल हैं। प्रेक्षक ने किसानों को सलाह दी है कि वे दलहनी फसलों की सिंचाई न करें।
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बुधवार को सुबह से ही हवा के साथ बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। दिन भर रुक रुक कर बारिश होती रही। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जिले का न्यूनतम तापमान 19.8 और न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय आर्द्रता 96 और दोपहर के समय आर्द्रता 70 प्रतिशत दर्ज की गई। नगीना स्थित मौसम वैधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार बुधवार को बारिश नापने लायक नहीं हुई। उन्होंने अगले 48 घंटे में अगले घने बादल छाए रहने और करीब दो से चार एमएम तक बारिश होने का अनुमान बताया है। प्रेक्षक ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए मुफीद है। आलू, सरसों, आम के बौर के लिए प्रतिकूल हैं। प्रेक्षक ने किसानों को सलाह दी है कि वे दलहनी फसलों की सिंचाई न करें।
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