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Bijnor News: जिले में नहीं हो पाएगा आतिशबाजी का अवैध भंडारण, बॉर्डर पर रहेगी चेकिंग
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बिजनौर। जिले में आतिशबाजी का अवैध भंडारण और निर्यात नहीं हो पाएगा। इसके लिए पुलिस ने खाका तैयार कर लिया है। इस बार जिले के बॉर्डर पर सघन चेकिंग रहेगी, ताकि अवैध तरीके से पटाखों की आपूर्ति नहीं होने पाए। इसी क्रम में पिछले दिनों पुलिस ने आतिशबाजी लेकर जा रही एंबुलेंस को पकड़ लिया था।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल जिलों में आतिशबाजी को लेकर सरकार ने सख्त रवैया अपनाया था। आतिशबाजी पर पाबंदी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इन तमाम प्रक्रियाओं के बीच एनसीआर में आतिशबाजी का बनाने का काम लगभग बंद हो गया।
उधर बिजनौर एनसीआर से बाहर है, जबकि पड़ोसी जनपद मेरठ या मुजफ्फरनगर एनसीआर में शामिल है। एनसीआर में आतिशबाजी पर पाबंदी के चलते बिजनौर में एकाएक पटाखा बनाने वाले वाली फैक्टरियां खुलने लगीं। फिलहाल बिजनौर में 25 लाइसेंस धारक हैं, जिन्हें आतिशबाजी बनाने और बेचने का अधिकार हैं। इसके अलावा 20 थोक विक्रेता के लाइसेंस हैं, हालांकि इन्हें पटाखा बनाने का अधिकार नहीं है।
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बिजनौर में खपत से ज्यादा आतिशबाजी का निर्माण किया जा रहा है। जिसे पिछले दिनों पुलिस ने भांप लिया था। जिसके चलते ही थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के चौंकपुरी गांव में स्थित फैक्टरी में क्षमता से अधिक पटाखों का जखीरा मिलने पर सील कर दिया गया था। इसके अलावा शेरकोट में भी दो फैक्टरी सील की जा चुकी हैं। इन तीनों पटाखा फैक्टरियों के लाइसेंस भी निरस्त होने जा रहे हैं।
आतिशबाजी के अवैध भंडारण को लेकर पहले से ही अभियान चल रहा है। तीन फैक्टरियों को बंद कराया जा चुका है। इनके संचालक भी जेल भेजे गए हैं। अब बॉर्डर पर भी सघन निगरानी की जा रही है। .....केके बिश्नोई, एसपी बिजनौर
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल जिलों में आतिशबाजी को लेकर सरकार ने सख्त रवैया अपनाया था। आतिशबाजी पर पाबंदी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इन तमाम प्रक्रियाओं के बीच एनसीआर में आतिशबाजी का बनाने का काम लगभग बंद हो गया।
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उधर बिजनौर एनसीआर से बाहर है, जबकि पड़ोसी जनपद मेरठ या मुजफ्फरनगर एनसीआर में शामिल है। एनसीआर में आतिशबाजी पर पाबंदी के चलते बिजनौर में एकाएक पटाखा बनाने वाले वाली फैक्टरियां खुलने लगीं। फिलहाल बिजनौर में 25 लाइसेंस धारक हैं, जिन्हें आतिशबाजी बनाने और बेचने का अधिकार हैं। इसके अलावा 20 थोक विक्रेता के लाइसेंस हैं, हालांकि इन्हें पटाखा बनाने का अधिकार नहीं है।
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बिजनौर में खपत से ज्यादा आतिशबाजी का निर्माण किया जा रहा है। जिसे पिछले दिनों पुलिस ने भांप लिया था। जिसके चलते ही थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के चौंकपुरी गांव में स्थित फैक्टरी में क्षमता से अधिक पटाखों का जखीरा मिलने पर सील कर दिया गया था। इसके अलावा शेरकोट में भी दो फैक्टरी सील की जा चुकी हैं। इन तीनों पटाखा फैक्टरियों के लाइसेंस भी निरस्त होने जा रहे हैं।
आतिशबाजी के अवैध भंडारण को लेकर पहले से ही अभियान चल रहा है। तीन फैक्टरियों को बंद कराया जा चुका है। इनके संचालक भी जेल भेजे गए हैं। अब बॉर्डर पर भी सघन निगरानी की जा रही है। .....केके बिश्नोई, एसपी बिजनौर