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Bijnor News: घर का नक्शा पास कराना है तो बनाना होगा गौरेया का घरौंदा

Fri, 23 Oct 2026 01:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:13 AM IST
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If you want to get your house plan approved, you must build a nest for a sparrow.
-गौरैया संरक्षण के लिए स्योहारा में अनूठी पहल, मकान का नक्शा पास कराने को लगाना होगा घोंसला
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-नगर पालिका की पहल से गौरैया संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा, 300 साल पुरानी हवेली में ढाई से तीन हजार गौरैयों का बसेरा
धर्मेन्द्र भुइयार
स्योहारा। गौरैया संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्योहारा नगर पालिका परिषद की ओर से एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। अब मकान का नक्शा पास कराने के लिए घर में कम से कम एक गौरैया का घोंसला लगाना अनिवार्य किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भवन निर्माण के साथ ही गौरैयों के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना और लोगों को पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
नगर पालिका परिषद स्योहारा के अधिशासी अधिकारी विजेन्द्र सिंह पाल की ओर से जारी निर्देश में मकान का नक्शा पास कराने के लिए कम से कम एक गौरैया का घोंसला लगाने की बात कही गई है। इस पहल के माध्यम से भवन निर्माण के साथ पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने और गौरैया संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास बताया गया है। बदलते परिवेश में उसके लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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गौरैया संरक्षण की मिसाल बनी 300 साल पुरानी हवेली
मोहल्ला शेखान स्थित शेख अकबर हुसैन की हवेली में करीब तीन सदियों से गौरैयाओं को संरक्षण देने की परंपरा निभाई जा रही है। जिस दौर में गौरैयाओं के लिए सुरक्षित आश्रय की उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है, उस समय यह हवेली हजारों नन्हे परिंदों की चहचहाहट से गुलजार है। गौरैया संरक्षण की परंपरा को शेख जमाल ने पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाया। अब उनके पुत्र फराज शेख, नोमान शेख और अफसर चौधरी भी इस विरासत को सहेज रहे हैं। परिवार के प्रयासों से हवेली में करीब ढाई से तीन हजार गौरैयों को आश्रय मिला हुआ है।
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''गौरैया हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनके संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना और घरों में इनके लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने और लोगों को पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।'' - विजेन्द्र सिंह पाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद स्योहारा
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