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तीन महीने का राशन गया तो गया कहां

Mon, 01 Aug 2022 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:12 AM IST
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If three months' ration went, where did it go?
तीन महीने का राशन गया तो गया कहां
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बिजनौर। कोरोनाकाल में परिषदीय विद्यालय बंद होने से सरकार की ओर से छात्र-छात्राओं को मिड-डे मील खाद्यान्न घर-घर दिया गया। कोरोना काल के शुरुआती साल में कुछ महीनों तक ही खाद्यान्न घर-घर दिया गया। बाकी तीन महीने का खाद्यान्न नहीं बंट पाया, जिसे अफसर ढूंढ रहे हैं कि आखिर यह खाद्यान्न है किसके पास।
मध्याह्न भोजन योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोविड -19 के कारण विद्यालय बंद रहे। साप्ताहिक, सार्वजनिक अवकाश, ग्रीष्म अवकाश को छोड़कर बंद अवधि के लिए खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत परिवर्तन लागत की धनराशि छात्र-छात्राओं को दी गई। प्राथमिक स्तर के छात्रों को 24 मार्च से 31 अगस्त कुल 94 विद्यालय दिवस के लिए कुल नौ किलो 400 ग्राम प्रत्येक छात्र को और उच्च प्राथमिक स्तर के छात्रों को 24 मार्च से 22 अगस्त तक कुल 87 विद्यालय दिवस के लिए गेहूं, चावल कुल 13 किलो 50 ग्राम प्रत्येक छात्रों को उपलब्ध कराया जाना था। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह खाद्यान्न पूर्व में ही डीलरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा चुका है। धनराशि विद्यालयों में भेजी गई है। इस संबंध में पत्र जारी कर चुके हैं। जनपद स्तर से स्थानांतरित धनराशि की विद्यालय वार सूची मेल पर सभी को उपलब्ध कराई जा चुकी है। उधर, कुछ शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में नहीं पहुंचा है।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए कोरोनाकाल का खाद्यान्न छात्रों, अभिभावकों को उपलब्ध कराते हुए प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करते हुए उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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-जयकरन यादव, बीएसए
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