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अंदर की बात बाहर आई तो गिरेगी गाज
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अंदर की बात बाहर आई तो गिरेगी गाज
बिजनौर। शासन ने मूल्यांकन केंद्रों पर पाबंदियां बढ़ा दी हैं। मीडियाकर्मी मूल्यांकन केंद्रों के अंदर नहीं जा सकेंगे। कवरेज व फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अंदर से मूल्यांकन की बात बाहर बताने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मूल्यांकन केंद्रों के लिए एक दर्जन से अधिक नए निर्देश जारी हुए।
शासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीआईओएस को मूल्यांकन संबंधी हिदायतें दी गई हैं, इसके बाद मूल्यांकन केंद्रों पर पाबंदी बढ़ा दी गई। आरजेपी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी तथा बीआईसी केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने का काम 23 अप्रैल से चल रहा है। तीसरे दिन भी परीक्षकों का संकट बरकरार रहा। प्रशासन पांच लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तय समय में निपटाने की कोशिशों में है।
आगे बढ़ सकता है परीक्षकों का संकट
तीसरे दिन आरजेपी केंद्र पर 194 परीक्षक, जीजीआईसी केंद्र पर 111 परीक्षक कुल 305 परीक्षक अनुपस्थित रहे। सूत्रों के अनुसार 28 अप्रैल से जिले में इंटर प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू हैं। जो प्रधानाचार्य उत्तर पुस्तिका जांच रहे हैं। वे प्रयोगात्मक परीक्षा कराने अपने कॉलेजों में चले जाएंगे। साथ ही राजकीय कॉलेजों के परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक हैं।
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मीडिया कर्मियों का प्रवेश वर्जित
निर्देश में कहा गया है कि मूल्यांकन अवधि में मीडिया कर्मियों तथा बाह्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। इस अवधि में फोटोग्राफी भी वर्जित रहेगी। सुबह ठीक 11 बजे मूल्यांकन केंद्र का मुख्य गेट बंद हो जाएगा। परीक्षक को बाहर जाने के लिए पंजिका पर हस्ताक्षर करने हैं। मेडिकल अवकाश केवल सीएमओ नामित मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद ही स्वीकार्य होगा। उपनियंत्रक अनुपस्थित उप प्रधान परीक्षक तथा परीक्षकों की सूचना रोजाना डीआईओएस कार्यालय तथा डीआईओएस के व्हाट्सएप पर देंगे।
कॉपी में लिखे आपत्तिजनक शब्दों का प्रचार किया तो खैर नहीं
कुछ परीक्षार्थी द्वारा परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं में अनापशनाप बात लिखने की शिकायत मिलती रही है। इनमें बहुत से परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका में हास्य चुटकुले लिख देते हैं, कुछ परीक्षार्थी अपनी घरेलू बात लिख देते हैं, कुछ फिल्म के सीन व गाने लिखे देते हैं। इनके अतिरिक्त बहुत से परीक्षार्थी आपत्तिजनक बात लिख देते हैं। उप प्रधान परीक्षकों व सहायक परीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे न तो मोबाइल फोन का प्रयोग करेंगे, न ही किसी उत्तर पुस्तिका का फोटो करेंगे और न ही उत्तर पुस्तिका में लिखे आपत्तिजनक शब्दों को प्रचारित करेंगे।
दो बजे के बाद क्या करें
मूल्यांकन केंद्रों से आने वाले परीक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि परीक्षकों को हाईस्कूल की 50 उत्तर पुस्तिका तथा इंटर की 45 उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के लिए दी जाती है। मूल्यांकन 10 बजे से शुरू हो जाता है। अधिकतम दोपहर बाद दो बजे तक मूल्यांकन समाप्त हो जाता है। पांच बजे तक खाली बैठना पड़ता है। परीक्षकों की उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या बढ़ाने की मांग है।
नए निर्देश के 10 प्रमुख बिंदु
1- मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर पाबंदी।
2- अनुपस्थित रहने पर वेतन कटेगा।
3- सुबह दस बजे के बाद मेन गेट पर ताला लग जाएगा।
4- परीक्षक मूल्यांकन अवधि में लिखित अनुमति के बाद बाहर जा सकेंगे।
5- मेडिकल अवकाश के लिए शर्त लागू।
6- हर तरह की फोटोग्राफी पर बैन।
7- आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी दिन करना अनिवार्य।
8- परीक्षक का नियुक्ति पत्र प्रधानाचार्य से प्रमाणित होना जरूरी।
9- परीक्षकों की उपस्थिति सीधे डीआईओएस के व्हाट्सएप पर।
10- पेयजल, लाइट आदि की मूलभूत सुविधा की पूर्ति सुनिश्चित करना।
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बिजनौर। शासन ने मूल्यांकन केंद्रों पर पाबंदियां बढ़ा दी हैं। मीडियाकर्मी मूल्यांकन केंद्रों के अंदर नहीं जा सकेंगे। कवरेज व फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अंदर से मूल्यांकन की बात बाहर बताने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मूल्यांकन केंद्रों के लिए एक दर्जन से अधिक नए निर्देश जारी हुए।
शासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीआईओएस को मूल्यांकन संबंधी हिदायतें दी गई हैं, इसके बाद मूल्यांकन केंद्रों पर पाबंदी बढ़ा दी गई। आरजेपी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी तथा बीआईसी केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने का काम 23 अप्रैल से चल रहा है। तीसरे दिन भी परीक्षकों का संकट बरकरार रहा। प्रशासन पांच लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तय समय में निपटाने की कोशिशों में है।
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आगे बढ़ सकता है परीक्षकों का संकट
तीसरे दिन आरजेपी केंद्र पर 194 परीक्षक, जीजीआईसी केंद्र पर 111 परीक्षक कुल 305 परीक्षक अनुपस्थित रहे। सूत्रों के अनुसार 28 अप्रैल से जिले में इंटर प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू हैं। जो प्रधानाचार्य उत्तर पुस्तिका जांच रहे हैं। वे प्रयोगात्मक परीक्षा कराने अपने कॉलेजों में चले जाएंगे। साथ ही राजकीय कॉलेजों के परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक हैं।
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मीडिया कर्मियों का प्रवेश वर्जित
निर्देश में कहा गया है कि मूल्यांकन अवधि में मीडिया कर्मियों तथा बाह्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। इस अवधि में फोटोग्राफी भी वर्जित रहेगी। सुबह ठीक 11 बजे मूल्यांकन केंद्र का मुख्य गेट बंद हो जाएगा। परीक्षक को बाहर जाने के लिए पंजिका पर हस्ताक्षर करने हैं। मेडिकल अवकाश केवल सीएमओ नामित मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद ही स्वीकार्य होगा। उपनियंत्रक अनुपस्थित उप प्रधान परीक्षक तथा परीक्षकों की सूचना रोजाना डीआईओएस कार्यालय तथा डीआईओएस के व्हाट्सएप पर देंगे।
कॉपी में लिखे आपत्तिजनक शब्दों का प्रचार किया तो खैर नहीं
कुछ परीक्षार्थी द्वारा परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं में अनापशनाप बात लिखने की शिकायत मिलती रही है। इनमें बहुत से परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका में हास्य चुटकुले लिख देते हैं, कुछ परीक्षार्थी अपनी घरेलू बात लिख देते हैं, कुछ फिल्म के सीन व गाने लिखे देते हैं। इनके अतिरिक्त बहुत से परीक्षार्थी आपत्तिजनक बात लिख देते हैं। उप प्रधान परीक्षकों व सहायक परीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे न तो मोबाइल फोन का प्रयोग करेंगे, न ही किसी उत्तर पुस्तिका का फोटो करेंगे और न ही उत्तर पुस्तिका में लिखे आपत्तिजनक शब्दों को प्रचारित करेंगे।
दो बजे के बाद क्या करें
मूल्यांकन केंद्रों से आने वाले परीक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि परीक्षकों को हाईस्कूल की 50 उत्तर पुस्तिका तथा इंटर की 45 उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के लिए दी जाती है। मूल्यांकन 10 बजे से शुरू हो जाता है। अधिकतम दोपहर बाद दो बजे तक मूल्यांकन समाप्त हो जाता है। पांच बजे तक खाली बैठना पड़ता है। परीक्षकों की उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या बढ़ाने की मांग है।
नए निर्देश के 10 प्रमुख बिंदु
1- मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर पाबंदी।
2- अनुपस्थित रहने पर वेतन कटेगा।
3- सुबह दस बजे के बाद मेन गेट पर ताला लग जाएगा।
4- परीक्षक मूल्यांकन अवधि में लिखित अनुमति के बाद बाहर जा सकेंगे।
5- मेडिकल अवकाश के लिए शर्त लागू।
6- हर तरह की फोटोग्राफी पर बैन।
7- आवंटित उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी दिन करना अनिवार्य।
8- परीक्षक का नियुक्ति पत्र प्रधानाचार्य से प्रमाणित होना जरूरी।
9- परीक्षकों की उपस्थिति सीधे डीआईओएस के व्हाट्सएप पर।
10- पेयजल, लाइट आदि की मूलभूत सुविधा की पूर्ति सुनिश्चित करना।