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किसी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखा तो पुलिस को देना होगा 25 हजार जुर्माना
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किसी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखा तो पुलिस को देना होगा 25 हजार जुर्माना
बिजनौर। निर्दोष लोगों को ले जाकर थाने में बंद कर देना और अवैध हिरासत में रखना पुलिस को भारी पड़ेगा। बेवजह हिरासत में रखे गए पीड़ित को 25 हजार रुपये का मुआवजा भी देना पड़ सकता है। शासन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी कर दिए हैं।
शासन ने संविधान के अनुच्छेद 21 के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिनमें इस अनुच्छेद का कड़ाई से पालन कराने की बात कही गई है। अगर पुलिस अनुच्छेद-21 का पालन नहीं करती और किसी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने पर मुआवजा भी देना होगा। हालांकि इसके लिए पीड़ित को पुलिस अफसर या प्रशासनिक अधिकारी से शिकायत करनी होगी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप साबित होने पर हिरासत में रखने वाले पुलिसकर्मी को ही पीड़ित को 25 हजार रुपये मुआवजा देना होगा।
डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि शासन ने संविधान के अनुच्छेद-21 के पालन करने के निर्देश दिए हैं । जिसे लेकर सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अवैध हिरासत में रखने पर संबंधित पुलिसकर्मी को ही मुआवजा देना होगा।
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बिजनौर। निर्दोष लोगों को ले जाकर थाने में बंद कर देना और अवैध हिरासत में रखना पुलिस को भारी पड़ेगा। बेवजह हिरासत में रखे गए पीड़ित को 25 हजार रुपये का मुआवजा भी देना पड़ सकता है। शासन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी कर दिए हैं।
शासन ने संविधान के अनुच्छेद 21 के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिनमें इस अनुच्छेद का कड़ाई से पालन कराने की बात कही गई है। अगर पुलिस अनुच्छेद-21 का पालन नहीं करती और किसी व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने पर मुआवजा भी देना होगा। हालांकि इसके लिए पीड़ित को पुलिस अफसर या प्रशासनिक अधिकारी से शिकायत करनी होगी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप साबित होने पर हिरासत में रखने वाले पुलिसकर्मी को ही पीड़ित को 25 हजार रुपये मुआवजा देना होगा।
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डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि शासन ने संविधान के अनुच्छेद-21 के पालन करने के निर्देश दिए हैं । जिसे लेकर सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अवैध हिरासत में रखने पर संबंधित पुलिसकर्मी को ही मुआवजा देना होगा।
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