{"_id":"589f63fa4f1c1bb41f3782ed","slug":"i-focus-on-all-sections-of-mayawati","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी वर्गों पर रहा मायावती का फोकस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी वर्गों पर रहा मायावती का फोकस
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का दलितों के साथ-साथ सभी वर्गों पर फोकस रहा। मायावती ने सभी वर्गों को साधने की कोशिश की। उन्होंने मुस्लिमों को रिझाने के लिए उन पर खूब डोरे डाले। जाटों को खुश करने का भी दांव खेला।
मायावती बिजनौर से अपने रिश्ते को नहीं भूल पाईं। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत मेरे अपने बिजनौर शब्दों से की। रैली में आई भीड़ को देखकर मायावती ने सभी वर्गों को रिझाने की भरपूर कोशिश की। मायावती की कोशिश रही कि सभी वर्गों को पाले में लाया जाए। दलितों को तो मायावती निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिलाने की बात कहकर अपने से बांधे रखी। उन्होंने मुस्लिमों व अपर कास्ट पर आरक्षण के डोरे डाले। उन्हें पाले में लाने के लिए हर दांव चला। मायावती ने कहा कि मुस्लिमों व अपर कास्ट को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। मायावती ने किसानों को खुश करने का भी खूब दांव खेला। उन्होंने खुले मंच से कहा कि किसानों के गन्ने का समय से भुगतान दिलाया जाएगा। बाकी जो समस्या होंगी, उनको भी दूर किया जाएगा। गरीब, मजलूमों पर मायावती का पूरा फोकस रहा। गरीबों के लिए उनकी सरकार में चलाई गईं योजनाएं उन्होंने फिर से शुरू कराने की बात कही। वैश्य समाज के खासकर व्यापारी वर्ग की नब्ज पर भी मायावती ने खूब हाथ रखा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए अलग से आयोग का गठन किया जाएगा। व्यापारियों की हिफाजत में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों पर भी उन्होंने खूब डोरे डाले। कहा कि विवाहित महिला कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके पति के व अविवाहित महिलाओं का स्थानांतरण उनके गृह जनपद में किया जाएगा। पुलिस की बार्डर तबादला स्कीम को भी पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
भीड़ देख गदगद रहे नेता
मायावती की सभा में आई भीड़ को देखकर मायावती के साथ पार्टी के नेता भी गदगद रहे। पार्टी के नेता भीड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की भीड़ से कतई कम नहीं मान रहे थे। प्रदर्शनी मैदान भीड़ की वजह से भरा हुआ था। महिलाओं की तादाद खूब बड़ी संख्या में थी। भीड़ सुबह से ही मैदान में आनी शुरू हो गई थी। युवा व महिलाओं में मायावती की एक झलक पाने की ललक रही। रैली खत्म होने के बाद सड़कों पर भीड़ ही नजर आ रही थी।
विज्ञापन
मुस्लिमों की संख्या रही कम
मायावती की रैली में मुस्लिमों की संख्या कम नजर आई। गिने चुने मुस्लिम ही रैली में नजर आए। बसपा ने जिले की सभी सामान्य सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। इसके बाद भी रैली में मुस्लिमों की संख्या बहुत कम रहना आश्चर्य जनक था। यह देख हर कोई सकते में रहा। दलितों ने जरूर रैली में बढ़ चढ़कर भाग लिया और दिखाया कि दलित समाज मायावती की साथ खड़ा है।
विज्ञापन
मायावती बिजनौर से अपने रिश्ते को नहीं भूल पाईं। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत मेरे अपने बिजनौर शब्दों से की। रैली में आई भीड़ को देखकर मायावती ने सभी वर्गों को रिझाने की भरपूर कोशिश की। मायावती की कोशिश रही कि सभी वर्गों को पाले में लाया जाए। दलितों को तो मायावती निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिलाने की बात कहकर अपने से बांधे रखी। उन्होंने मुस्लिमों व अपर कास्ट पर आरक्षण के डोरे डाले। उन्हें पाले में लाने के लिए हर दांव चला। मायावती ने कहा कि मुस्लिमों व अपर कास्ट को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। मायावती ने किसानों को खुश करने का भी खूब दांव खेला। उन्होंने खुले मंच से कहा कि किसानों के गन्ने का समय से भुगतान दिलाया जाएगा। बाकी जो समस्या होंगी, उनको भी दूर किया जाएगा। गरीब, मजलूमों पर मायावती का पूरा फोकस रहा। गरीबों के लिए उनकी सरकार में चलाई गईं योजनाएं उन्होंने फिर से शुरू कराने की बात कही। वैश्य समाज के खासकर व्यापारी वर्ग की नब्ज पर भी मायावती ने खूब हाथ रखा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए अलग से आयोग का गठन किया जाएगा। व्यापारियों की हिफाजत में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों पर भी उन्होंने खूब डोरे डाले। कहा कि विवाहित महिला कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके पति के व अविवाहित महिलाओं का स्थानांतरण उनके गृह जनपद में किया जाएगा। पुलिस की बार्डर तबादला स्कीम को भी पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
भीड़ देख गदगद रहे नेता
मायावती की सभा में आई भीड़ को देखकर मायावती के साथ पार्टी के नेता भी गदगद रहे। पार्टी के नेता भीड़ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की भीड़ से कतई कम नहीं मान रहे थे। प्रदर्शनी मैदान भीड़ की वजह से भरा हुआ था। महिलाओं की तादाद खूब बड़ी संख्या में थी। भीड़ सुबह से ही मैदान में आनी शुरू हो गई थी। युवा व महिलाओं में मायावती की एक झलक पाने की ललक रही। रैली खत्म होने के बाद सड़कों पर भीड़ ही नजर आ रही थी।
विज्ञापन
मुस्लिमों की संख्या रही कम
मायावती की रैली में मुस्लिमों की संख्या कम नजर आई। गिने चुने मुस्लिम ही रैली में नजर आए। बसपा ने जिले की सभी सामान्य सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। इसके बाद भी रैली में मुस्लिमों की संख्या बहुत कम रहना आश्चर्य जनक था। यह देख हर कोई सकते में रहा। दलितों ने जरूर रैली में बढ़ चढ़कर भाग लिया और दिखाया कि दलित समाज मायावती की साथ खड़ा है।