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Bijnor News: पति-पत्नी दोनों ने ले ली किसान सम्मान निधि, 2601 की किस्त रोकी
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ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में एक ही परिवार से दो-दो लाभ लेने के मामले सामने आए तो कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में 2601 मामले ऐसे पकड़ में आए, जिनमें पति-पत्नी दोनों सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। विभाग ने इनका न सिर्फ भुगतान रोका, बल्कि अब अपात्र तरीके से मिली रकम की रिकवरी भी शुरू करा दी है।
जिले में चार लाख से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। इनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त में जिले के 3,10,974 किसानों को मिली। अब तक योजना के तहत जिले के किसानों को 1489.62 करोड़ रुपये किसानों को सम्मान निधि के रूप में दिए जा चुके हैं। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में सामने आया कि 2601 ऐसे पति-पत्नी हैं, जो दोनों ही किसान सम्मान निधि ले रहे थे। पहले इनकी किस्त रोकी गई, वहीं अब इनसे रिकवरी भी शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित बैंकों को भी रकम वापस करने के लिए पत्र जारी किया गया है।
दंपती में एक को ही सम्मान निधि मिलने का नियम
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि नियमों के अनुसार एक परिवार में पात्र किसान को ही सम्मान निधि का लाभ दिया जाता है। पति-पत्नी दोनों के नाम से लाभ नहीं लिया जा सकता। अपात्र तरीके से जिन्हें लाभ मिला है, उनसे रकम की वसूली कराई जाएगी।
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- 30 हजार से अधिक किसानों की किस्त अटकी
पीएम किसान योजना में जिले के 16,351 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है। साथ ही 14,403 किसानों की किस्त पीएफएमएस और आधार सीडिंग से जुड़ी दिक्कत के कारण अटकी है। अधिकारियों ने किसानों से ई-केवाईसी पूरी कराने और आधार को बैंक खाते से सीड कराने की अपील की है।
इस तरह किसान बनते हैं सम्मान निधि के पात्र
नए किसान पीएम किसान पोर्टल पर न्यू फार्मर रजिस्ट्रेशन करते हैं। पंजीकरण के दौरान आधार नंबर का सत्यापन किया जाता है। किसान के नाम भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त होना चाहिए। आधार और बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज होना जरूरी है। इसके साथ ही ई-केवाईसी पूरी करना अनिवार्य है। किसान पीएम किसान पोर्टल पर अपना स्टेटस और दर्ज विवरण भी जांच सकते हैं।
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बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में एक ही परिवार से दो-दो लाभ लेने के मामले सामने आए तो कृषि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले में 2601 मामले ऐसे पकड़ में आए, जिनमें पति-पत्नी दोनों सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। विभाग ने इनका न सिर्फ भुगतान रोका, बल्कि अब अपात्र तरीके से मिली रकम की रिकवरी भी शुरू करा दी है।
जिले में चार लाख से ज्यादा किसान पंजीकृत हैं। इनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त में जिले के 3,10,974 किसानों को मिली। अब तक योजना के तहत जिले के किसानों को 1489.62 करोड़ रुपये किसानों को सम्मान निधि के रूप में दिए जा चुके हैं। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में सामने आया कि 2601 ऐसे पति-पत्नी हैं, जो दोनों ही किसान सम्मान निधि ले रहे थे। पहले इनकी किस्त रोकी गई, वहीं अब इनसे रिकवरी भी शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित बैंकों को भी रकम वापस करने के लिए पत्र जारी किया गया है।
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दंपती में एक को ही सम्मान निधि मिलने का नियम
उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने बताया कि नियमों के अनुसार एक परिवार में पात्र किसान को ही सम्मान निधि का लाभ दिया जाता है। पति-पत्नी दोनों के नाम से लाभ नहीं लिया जा सकता। अपात्र तरीके से जिन्हें लाभ मिला है, उनसे रकम की वसूली कराई जाएगी।
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- 30 हजार से अधिक किसानों की किस्त अटकी
पीएम किसान योजना में जिले के 16,351 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है। साथ ही 14,403 किसानों की किस्त पीएफएमएस और आधार सीडिंग से जुड़ी दिक्कत के कारण अटकी है। अधिकारियों ने किसानों से ई-केवाईसी पूरी कराने और आधार को बैंक खाते से सीड कराने की अपील की है।
इस तरह किसान बनते हैं सम्मान निधि के पात्र
नए किसान पीएम किसान पोर्टल पर न्यू फार्मर रजिस्ट्रेशन करते हैं। पंजीकरण के दौरान आधार नंबर का सत्यापन किया जाता है। किसान के नाम भूमि का रिकॉर्ड दुरुस्त होना चाहिए। आधार और बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज होना जरूरी है। इसके साथ ही ई-केवाईसी पूरी करना अनिवार्य है। किसान पीएम किसान पोर्टल पर अपना स्टेटस और दर्ज विवरण भी जांच सकते हैं।