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होम आइसोलेट 353, अस्पताल में मात्र 22 मरीज
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बिजनौर। एक ओर जहां दिल्ली, लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ आदि महानगरों के कोविड अस्पतालों में बेड का टोटा पड़ने लगा है तो वहीं जनपद मेें कोविड एल-2 विंग के अस्पताल में बेड खाली पड़े हैं। यहां पर 98 बेड वाले कोविड एल-2 विंग में मात्र 22 मरीज ही भर्ती हैं। अफसरों के अनुसार 14 अप्रैल तक जनपद में 5081 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 4501 मरीजों ने बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के बलबूते कोरोना को अलविदा कहा है, जबकि 67 मरीजों की कोरोना ने जान ली है। वर्तमान में 353 कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेट हैं, जबकि 22 जिला अस्पताल में बने कोविड एल-2 विंग में भर्ती हैं।
देश भर में कोरोना संक्रमण फिर से तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। संक्रमण की तीव्रता पहले से भी अधिक तेज है। बुधवार को पिछले साल और इस बार एक दिन में सबसे अधिक 102 केस मिले। इससे पूर्व दस अप्रैल को 92 रोगियों के मिलने की पुष्टि हुई, जबकि पिछले साल 31 अगस्त को एक दिन में जिले में अधिकतम 87 कोरोना संक्रमित मरीज ही मिले थे।
कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर के अनुसार इस बार पिछले साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। रोजाना केस बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद लोग समझने को तैयार नहीं हैं। दो गज दूरी-मास्क है जरूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। सभी को कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना चाहिए, जिससे सभी लोग इस महामारी से बच सकें। उधर, जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने चेतावनी जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है कि जब सक्रिय केस दो हजार पर पहुंच जाएंगे तो शीघ्रता से जनपद में कोरोना कर्फ्य लागू कर दिया जाएगा। अब ये जनपदवासियों को तय करना है कि वे पिछले साल की तरह से ही लॉकडाउन चाहते हैं या फिर अपने घरों में परिजनों के बीच रहकर ही सुरक्षित रहना चाहते हैं।
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देश भर में कोरोना संक्रमण फिर से तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। संक्रमण की तीव्रता पहले से भी अधिक तेज है। बुधवार को पिछले साल और इस बार एक दिन में सबसे अधिक 102 केस मिले। इससे पूर्व दस अप्रैल को 92 रोगियों के मिलने की पुष्टि हुई, जबकि पिछले साल 31 अगस्त को एक दिन में जिले में अधिकतम 87 कोरोना संक्रमित मरीज ही मिले थे।
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कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर के अनुसार इस बार पिछले साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। रोजाना केस बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद लोग समझने को तैयार नहीं हैं। दो गज दूरी-मास्क है जरूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। सभी को कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना चाहिए, जिससे सभी लोग इस महामारी से बच सकें। उधर, जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने चेतावनी जारी करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है कि जब सक्रिय केस दो हजार पर पहुंच जाएंगे तो शीघ्रता से जनपद में कोरोना कर्फ्य लागू कर दिया जाएगा। अब ये जनपदवासियों को तय करना है कि वे पिछले साल की तरह से ही लॉकडाउन चाहते हैं या फिर अपने घरों में परिजनों के बीच रहकर ही सुरक्षित रहना चाहते हैं।
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