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व्यथा को हरती है पावन प्रज्ञा पुराण
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नजीबाबाद में पावन प्रज्ञा पुराण कथा में भाग लेते गायत्री सदस्य।
- फोटो : NAZIBABAD
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व्यथा को हरती है पावन प्रज्ञा पुराण
नजीबाबाद। पावन प्रज्ञा पुराण कथा के साथ गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शांतिकुंज के जयनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा रचित पावन प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि पावन प्रज्ञा पुराण कथा व्यक्ति की व्यथा को हरती है। उन्होंने कहा कि वेदों, उपनिषदों के दिव्य ज्ञान से परिपूर्ण पावन प्रज्ञा पुराण कथा 18 पुराणों का सार है। उन्होंने कहा कि पुराण में गृहस्थाश्रम को सर्वश्रेष्ठ आश्रम बताया गया है।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कपिल व्यास, गौतम अंगिरा, रजत पाल और माधव तनेजा ने गायत्री संस्कारों को व्यवहार में लाने की कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के समापन पर आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान योग, यज्ञदीप, षोडश संस्कार और वाद्य यंत्रों के संचालन का गायत्री सदस्यों को अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रामअवतार सिंह, कैलाशचंद्र सिंघल, बालकिशन सिंघल, कमल शर्मा, जितेंद्र सिंह, मधुबाला गुप्ता, कामेश, सरला देवी आदि उपस्थित रहे।
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नजीबाबाद। पावन प्रज्ञा पुराण कथा के साथ गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। शांतिकुंज के जयनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा रचित पावन प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि पावन प्रज्ञा पुराण कथा व्यक्ति की व्यथा को हरती है। उन्होंने कहा कि वेदों, उपनिषदों के दिव्य ज्ञान से परिपूर्ण पावन प्रज्ञा पुराण कथा 18 पुराणों का सार है। उन्होंने कहा कि पुराण में गृहस्थाश्रम को सर्वश्रेष्ठ आश्रम बताया गया है।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कपिल व्यास, गौतम अंगिरा, रजत पाल और माधव तनेजा ने गायत्री संस्कारों को व्यवहार में लाने की कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के समापन पर आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान योग, यज्ञदीप, षोडश संस्कार और वाद्य यंत्रों के संचालन का गायत्री सदस्यों को अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रामअवतार सिंह, कैलाशचंद्र सिंघल, बालकिशन सिंघल, कमल शर्मा, जितेंद्र सिंह, मधुबाला गुप्ता, कामेश, सरला देवी आदि उपस्थित रहे।
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