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स्पर्धा से चिह्नित होंगे स्वस्थ बालक-बालिकाएं
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स्पर्धा से चिह्नित होंगे स्वस्थ बालक-बालिकाएं
बिजनौर। राज्य पोषण मिशन के तहत जिले में स्वस्थ बालक-बालिकाओं को चिह्नित करने के लिए 21 से 27 मार्च तक स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विकास भवन के सभागार में बुधवार को अधिकारियों व कर्मचारियों को ऐप का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अतिकुपोषित बच्चों का डाटा तैयार किया जाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने कहा कि जिन नगर पालिका, नगर पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां बच्चों की लंबाई एवं वजन के आधार पर पोषण की श्रेणी चिह्नित किए जाने में नगर पालिका, एनजीओ एवं स्वैच्छिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एनजीओ, स्वैच्छिक संस्थाओं को भारत सरकार द्वारा विकसित मोबाइल ऐप, पोषण ट्रेकर ऐप पर पंजीकरण करना होगा। फिर उनका विवरण पोषण ट्रेकर ऐप पर फीड करने के उपरांत बच्चे की पोषण श्रेणी का वर्गीकरण इस ऐप द्वारा स्वत: ही कर दिया जाएगा। यदि बच्चा स्वस्थ होगा तो इस ऐप के द्वारा स्वस्थ होने का प्रमाण-पत्र जनरेट हो जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने वहां उपस्थित अफसरों व फील्ड स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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बिजनौर। राज्य पोषण मिशन के तहत जिले में स्वस्थ बालक-बालिकाओं को चिह्नित करने के लिए 21 से 27 मार्च तक स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विकास भवन के सभागार में बुधवार को अधिकारियों व कर्मचारियों को ऐप का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अतिकुपोषित बच्चों का डाटा तैयार किया जाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने कहा कि जिन नगर पालिका, नगर पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां बच्चों की लंबाई एवं वजन के आधार पर पोषण की श्रेणी चिह्नित किए जाने में नगर पालिका, एनजीओ एवं स्वैच्छिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एनजीओ, स्वैच्छिक संस्थाओं को भारत सरकार द्वारा विकसित मोबाइल ऐप, पोषण ट्रेकर ऐप पर पंजीकरण करना होगा। फिर उनका विवरण पोषण ट्रेकर ऐप पर फीड करने के उपरांत बच्चे की पोषण श्रेणी का वर्गीकरण इस ऐप द्वारा स्वत: ही कर दिया जाएगा। यदि बच्चा स्वस्थ होगा तो इस ऐप के द्वारा स्वस्थ होने का प्रमाण-पत्र जनरेट हो जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने वहां उपस्थित अफसरों व फील्ड स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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