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जन आरोग्य केंद्रों पर बनेगी मरीजों की हेल्थ आईडी
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जन आरोग्य केंद्रों पर बनेगी मरीजों की हेल्थ आईडी
बिजनौर। जनता के लिए बनाए गए जन आरोग्य केंद्रों पर अब हेल्थ कार्ड बनेंगे। मरीजों की बीमारी का रिकॉर्ड केवल एक आईडी से देखा जाएगा। आईडी से पता चल जाएगा कि मरीज किस समय किस बीमारी का शिकार रहा है। उसी के आधार पर उसका उपचार किया जाएगा।
जिले में 182 जन आरोग्य केंद्र संचालित हैं। यहां पर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करके दवा दी जाती है। मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर भी रखी जाती है। यहां पर हर रोज हजारों मरीज आते हैं। अब इन केंद्रों पर मरीजों के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। केंद्रों पर आने वाले मरीजों के हेल्थ आईडी बनाई जाएगी। हेल्थ आईडी में मरीज की उम्र, उसकी बीमारी आदि के बारे में लिखा जाएगा। मरीज जिस दिन केंद्र पर जाएगा उसकी उस दिन की बीमारी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर फीड कर दी जाएगी। इससे जरूरत पड़ने पर ये आराम से पता चल जाएगा कि मरीज किस समय किस बीमारी से पीड़ित रहा है। मसलन के उसने जब आखिरी बार केंद्र से दवा ली थी तो उसका ब्लड प्रेशर और शुगर कितनी थी। एक तरह की केस हिस्ट्री तैयार रहेगी। इसे बनवाने के लिए मरीजों के आधार और मोबाइल नंबर की ही जरूरत पड़ेगी। डीसीपीएम पूनम रानी के अनुसार केंद्रों पर मरीजों की हेल्थ आईडी बनाई जाएगी। इसके संबंध में शासनादेश मिल गया है।
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बिजनौर। जनता के लिए बनाए गए जन आरोग्य केंद्रों पर अब हेल्थ कार्ड बनेंगे। मरीजों की बीमारी का रिकॉर्ड केवल एक आईडी से देखा जाएगा। आईडी से पता चल जाएगा कि मरीज किस समय किस बीमारी का शिकार रहा है। उसी के आधार पर उसका उपचार किया जाएगा।
जिले में 182 जन आरोग्य केंद्र संचालित हैं। यहां पर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करके दवा दी जाती है। मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर भी रखी जाती है। यहां पर हर रोज हजारों मरीज आते हैं। अब इन केंद्रों पर मरीजों के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। केंद्रों पर आने वाले मरीजों के हेल्थ आईडी बनाई जाएगी। हेल्थ आईडी में मरीज की उम्र, उसकी बीमारी आदि के बारे में लिखा जाएगा। मरीज जिस दिन केंद्र पर जाएगा उसकी उस दिन की बीमारी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर फीड कर दी जाएगी। इससे जरूरत पड़ने पर ये आराम से पता चल जाएगा कि मरीज किस समय किस बीमारी से पीड़ित रहा है। मसलन के उसने जब आखिरी बार केंद्र से दवा ली थी तो उसका ब्लड प्रेशर और शुगर कितनी थी। एक तरह की केस हिस्ट्री तैयार रहेगी। इसे बनवाने के लिए मरीजों के आधार और मोबाइल नंबर की ही जरूरत पड़ेगी। डीसीपीएम पूनम रानी के अनुसार केंद्रों पर मरीजों की हेल्थ आईडी बनाई जाएगी। इसके संबंध में शासनादेश मिल गया है।
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