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रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराएगा स्वास्थ्य विभाग
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रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराएगा स्वास्थ्य विभाग
बिजनौर। शासन ने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके लिए जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से कोरोना मरीजों के लिए 1800 रुपये दिए जाएंगे।
रेमडेसिविर एक एंटीवायरल दवा है। करीब एक दशक पहले इस दवा को हेपेटाइटिस सी और सांस संबंधी वायरस (RSV) का इलाज करने के लिए एक अमेरिकी दवा कंपनी मैसर्स गिलियड साइंसेज ने बनाया था। देश में दवा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 11 अप्रैल से केंद्र ने दवा के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है और कई राज्य सरकारों ने अस्पतालों को कोविड-19 संक्रमण के गंभीर मामलों में ही पीड़ित लोगों को ही दवा देने का निर्देश दिया है। चिकित्सकों की मानें तो रेमडेसिविर को मूल रूप से हेपेटाइटिस-सी के इलाज के लिए विकसित किया गया था और बाद में इसे इबोला के खिलाफ परीक्षण किया गया। यह कोविड -19 रोगियों में मृत्यु दर को कम करने में मदद करती है। रेमडेसिविर ने कोविड -19 संक्रमण के एक गंभीर मामले में पीड़ित लोगों के बीच यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता को कम नहीं किया है।
जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. मनोज सेन के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। केवल उन्हीं मरीजों को इस इंजेक्शन की व्यवस्था रहेगी, जिनका कोविड एल-2 विंग एवं निजी चिकित्सालयों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा परामर्श किया हुआ पर्चा होगा। रोगी के आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ जिला रेडक्रॉस समिति के माध्यम से 1800 रुपये की धनराशि का भुगतान संबंधित मरीज अथवा उसके परिजन को किया जाएगा और इसकी रसीद भी उसे दी जाएगी।
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बिजनौर। शासन ने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके लिए जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से कोरोना मरीजों के लिए 1800 रुपये दिए जाएंगे।
रेमडेसिविर एक एंटीवायरल दवा है। करीब एक दशक पहले इस दवा को हेपेटाइटिस सी और सांस संबंधी वायरस (RSV) का इलाज करने के लिए एक अमेरिकी दवा कंपनी मैसर्स गिलियड साइंसेज ने बनाया था। देश में दवा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 11 अप्रैल से केंद्र ने दवा के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है और कई राज्य सरकारों ने अस्पतालों को कोविड-19 संक्रमण के गंभीर मामलों में ही पीड़ित लोगों को ही दवा देने का निर्देश दिया है। चिकित्सकों की मानें तो रेमडेसिविर को मूल रूप से हेपेटाइटिस-सी के इलाज के लिए विकसित किया गया था और बाद में इसे इबोला के खिलाफ परीक्षण किया गया। यह कोविड -19 रोगियों में मृत्यु दर को कम करने में मदद करती है। रेमडेसिविर ने कोविड -19 संक्रमण के एक गंभीर मामले में पीड़ित लोगों के बीच यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता को कम नहीं किया है।
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जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. मनोज सेन के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। केवल उन्हीं मरीजों को इस इंजेक्शन की व्यवस्था रहेगी, जिनका कोविड एल-2 विंग एवं निजी चिकित्सालयों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा परामर्श किया हुआ पर्चा होगा। रोगी के आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ जिला रेडक्रॉस समिति के माध्यम से 1800 रुपये की धनराशि का भुगतान संबंधित मरीज अथवा उसके परिजन को किया जाएगा और इसकी रसीद भी उसे दी जाएगी।
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