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बिजनौर: हस्तिनापुर अभयारण्य के सीमा संशोधन पर लगी शासन की मुहर
Fri, 10 Feb 2023 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:41 AM IST
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- अब पांच जिलों के कुल 457 गांव ही अभयारण्य सीमा के अंदर
- शासन की ओर से पांचों जिले के डीएम और डीएफओ को जारी हुआ पत्र
- छह फरवरी को अभयारण्य की संशोधित सीमा की अधिसूचना का हुआ प्रख्यापन
-- -- -- --
यह है नया हस्तिनापुर अभयारण्य
- 142 गांव अब बिजनौर जिले के शामिल
- 457 गांव पांच जिले के है अभयारण्य सीमा के अंदर
- 01 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल ही रह गया
रजनीश त्यागी
बिजनौर। हस्तिनापुर अभयारण्य के सीमा संशोधन अधिसूचना पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार अब खत्म हो गया। शासन ने अधिसूचना का प्रख्यापन कर दिया है। अब शासन ने अभयारण्य के अंतर्गत बिजनौर, मेरठ समेत पांच जिले के जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर संशोधन के बाद सीमा से बाहर हुए क्षेत्रों में कारोबारियों से निवेश के एमओयू करने और बंद इकाइयों शुरू करने की बात कही है। उधर वन विभाग शीघ्र ही गजट आने की बात कह रहा है। बिजनौर में जहां अब 142 गांव तो पांचों जिले में 457 गांव ही अभयारण्य सीमा के अंदर रह गए हैं।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि इस समय मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जिलों में फैली हुई है। कई दशकों से इसकी सीमा छोटी करने की मांग चली आ रही थी। अब अधिसूचना के प्रख्यापन के साथ ही यह मांग अब जाकर पूरी हुई। इसका असर बिजनौर ही नहीं, बल्कि अभयारण्य से जुड़े पांचों जिलों को मिलने वाला है। वहीं सबसे ज्यादा बिजनौर के 170 गांव इसकी सीमा से बाहर हो गए और अब मात्र बिजनौर और चांदपुर तहसील के मात्र 142 गांव ही इस सीमा के अंदर रह गए हैं।
बारहसिंघा के संरक्षण को बनी थी हस्तिनापुर सेंक्चुअरि हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरि की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किलोमीटर इस सेंक्चुअरि का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंघा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरि में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
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नए सीमांकन से यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 170 गांव सेंक्चुअरि से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
नए परिसीमन में जिलों का भूभाग
जिला गांव क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
मेरठ 114 36510
हापुड़ 22 5447
मुजफ्फरनगर 108 29743
बिजनौर 142 24656
अमरोहा 71 19558
कुल 457 115916
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वर्जन
हस्तिनापुर अभयारण्य की अधिसूचना का प्रख्यापन हो चुका है। इस संबंध में शासन से पत्र भी आया है। जो क्षेत्र अभयारण्य सीमा से बाहर हुआ है, वहां विकास की नई राह खुलेगी।
-- -उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर
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- शासन की ओर से पांचों जिले के डीएम और डीएफओ को जारी हुआ पत्र
- छह फरवरी को अभयारण्य की संशोधित सीमा की अधिसूचना का हुआ प्रख्यापन
यह है नया हस्तिनापुर अभयारण्य
- 142 गांव अब बिजनौर जिले के शामिल
- 457 गांव पांच जिले के है अभयारण्य सीमा के अंदर
- 01 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल ही रह गया
रजनीश त्यागी
बिजनौर। हस्तिनापुर अभयारण्य के सीमा संशोधन अधिसूचना पर अंतिम मुहर लगने का इंतजार अब खत्म हो गया। शासन ने अधिसूचना का प्रख्यापन कर दिया है। अब शासन ने अभयारण्य के अंतर्गत बिजनौर, मेरठ समेत पांच जिले के जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर संशोधन के बाद सीमा से बाहर हुए क्षेत्रों में कारोबारियों से निवेश के एमओयू करने और बंद इकाइयों शुरू करने की बात कही है। उधर वन विभाग शीघ्र ही गजट आने की बात कह रहा है। बिजनौर में जहां अब 142 गांव तो पांचों जिले में 457 गांव ही अभयारण्य सीमा के अंदर रह गए हैं।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि इस समय मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जिलों में फैली हुई है। कई दशकों से इसकी सीमा छोटी करने की मांग चली आ रही थी। अब अधिसूचना के प्रख्यापन के साथ ही यह मांग अब जाकर पूरी हुई। इसका असर बिजनौर ही नहीं, बल्कि अभयारण्य से जुड़े पांचों जिलों को मिलने वाला है। वहीं सबसे ज्यादा बिजनौर के 170 गांव इसकी सीमा से बाहर हो गए और अब मात्र बिजनौर और चांदपुर तहसील के मात्र 142 गांव ही इस सीमा के अंदर रह गए हैं।
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बारहसिंघा के संरक्षण को बनी थी हस्तिनापुर सेंक्चुअरि हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरि की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किलोमीटर इस सेंक्चुअरि का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंघा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरि में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
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नए सीमांकन से यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 170 गांव सेंक्चुअरि से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
नए परिसीमन में जिलों का भूभाग
जिला गांव क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
मेरठ 114 36510
हापुड़ 22 5447
मुजफ्फरनगर 108 29743
बिजनौर 142 24656
अमरोहा 71 19558
कुल 457 115916
वर्जन
हस्तिनापुर अभयारण्य की अधिसूचना का प्रख्यापन हो चुका है। इस संबंध में शासन से पत्र भी आया है। जो क्षेत्र अभयारण्य सीमा से बाहर हुआ है, वहां विकास की नई राह खुलेगी।