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कक्षा सात में हिंद के पेपर में पूछे कक्षा आठ के प्रश्न
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बिजनौर में कक्षा सात के प्रश्नपत्र में पूछे गए कक्षा आठ के सवाल।
- फोटो : BIJNOR
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कक्षा सात में हिंद के पेपर में पूछे कक्षा आठ के प्रश्न
बिजनौर/नजीबाबाद। परिषदीय स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पहले दिन ही मखौल बन गईं। कक्षा सात हिंदी के प्रश्न पत्र में कक्षा आठ के सवाल पूछे गए। कई स्कूलों में कक्षा छह के प्रश्न पत्र पहुंचे ही नहीं। कहीं बच्चों के जमीन पर बैठा कर परीक्षा ली गई, तो कई स्कूलों में शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर ही प्रश्नों के उत्तर लिख कर परीक्षा कराई। परीक्षा में अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक की कलई खुली।
परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से लेकर आठ तक करीब पौने दो लाख छात्र-छात्राएं हैं। शासन इन स्कूलों की सूरत बदलने में जुटा है। बुधवार से इन स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा थी। पहले दिन हिंदी विषय का प्रश्नपत्र था। प्रश्नपत्र प्रकाशन कराने और वितरित कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की थी। लेकिन प्रश्नपत्रों को तैयार कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की थी। परीक्षा के पहले दिन ही काफी स्कूलों में कक्षा छह हिंदी का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचाया गया। जबकि ऐसे स्कूलों में ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नपत्र लिख कर किसी तरह से छात्रों की परीक्षा कराई गई। कक्षा सात की परीक्षा में तो हद ही हो गई। कक्षा सात के हिंदी के प्रश्नपत्र में कक्षा आठ के सवाल पूछे गए हैं। इसे लेकर स्कूलों में शिक्षक परेशान रहे। प्रश्न पत्र डायट द्वारा प्राचार्य की देखरेख में तैयार कराए गए थे। जबकि प्रश्न पत्रों का प्रकाशन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कराया गया था। प्रश्न पत्रों के प्रकाशन में घटिया पेपर का प्रयोग किया गया। बंद लिफाफों में पेपर पहुंचे हैं पर कहीं ज्यादा निकल रहे हैं तो कही कम निकल रहे हैं।
नजीबाबाद क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय अलीपुरा में एक शिक्षिका ने कक्षा दो के प्रश्न पत्र का हल ब्लैक बोर्ड पर उतार दिया। अब सवाल उठता है कि ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर लिखकर विद्यार्थियों की कितनी प्रोन्नति होगी, यह तो बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ही बेहतर बता सकेंगे। क्षेत्र के कई स्कूलों में खुले आसमान के नीचे बैठ कर छात्रों ने परीक्षा दी। कई स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए टाट पट्टी भी नहीं दी गई।
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बच्चों की उपस्थिति रही कम
हल्दौर/जलीलपुर/नींदड़ू। प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति कम रही। प्रथम पॉली में हिंदी व दूसरी पॉली में मौखिक विषय और आर्ट का रहा। ब्लॉक क्षेत्र में इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल 12 और इंग्लिश मीडियम जूनियर हाईस्कूल पांच हैं। गांव अम्हेड़ा के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्य कंचन चौधरी के अनुसार बच्चों की पंजीकृत संख्या 178 में से महज 144, पूर्व माध्यमिक इंग्लिश मीडियम की प्रधानाचार्या रजनी चौहान के अनुसार पंजीकृत 222 बच्चों में प्रथम पाली के दौरान 194 बच्चे उपस्थित रहे। जलीलपुर में कक्षा सात की हिंदी परीक्षा में सभी प्रश्न कक्षा आठ के पाठ्यक्रम से पूछे गए। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वास कुमार ने बताया कुछ प्रश्न पाठ्यक्रम के नहीं है। सामान्य भाषा और व्याकरण को छोड़कर सभी प्रश्न कक्षा 8 के हिंदी पाठ्यक्रम से लिए गए हैं। नीदड़ू खास के प्राथमिक विद्यालय प्रथम, द्वितीय, बाजीदपुर-बीरू के उच्च प्राथमिक, प्राथमिक एवं मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के प्राथमिक विद्यालय में प्रथम पाली में हिंदी और दूसरी पाली में चित्रकला विषय की परीक्षाएं दी है।
नगीना क्षेत्र के कोतवाली ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी देशराज वत्स ने बताया की पूरे ब्लॉक में स्थित 229 प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत 17721 विद्यार्थियों में से 14177 विद्यार्थियों ने पहले दिन परीक्षा में हिस्सा लिया। 93 उच्चतर प्राथमिक विद्यायलयों में पंजीकृत 6862 विद्यार्थियों में से 5832 ने पहले दिन की परीक्षा दी।
छुट्टी पर रहे जिला समन्वयक
प्रश्नपत्रों का प्रकाशन कराने व प्रश्नपत्रों को वितरित कराने की जिम्मेदारी बीएसए ने जिला समन्वयक प्रशिक्षण धनपाल सिंह को दी थी। लेकिन परीक्षा के पहले दिन ही जिला समन्वयक छुट्टी पर रहे। डीसी के जिला मुख्यालय पर नहीं होने से शिक्षकों ने किसी तरह से परीक्षा कराई।
प्रश्नपत्रों के प्रकाशन की हो जांच
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर यादव ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए प्रकाशित कराए गए प्रश्नपत्रों के मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अधिकारी शिक्षकों के ऊपर ही आरोप मढ़ देते हैं। पर जिन स्कूलों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे व कक्षा सात में आठ के सवाल पूछे गए इसकी जांच की जानी चाहिए।
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बिजनौर/नजीबाबाद। परिषदीय स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं पहले दिन ही मखौल बन गईं। कक्षा सात हिंदी के प्रश्न पत्र में कक्षा आठ के सवाल पूछे गए। कई स्कूलों में कक्षा छह के प्रश्न पत्र पहुंचे ही नहीं। कहीं बच्चों के जमीन पर बैठा कर परीक्षा ली गई, तो कई स्कूलों में शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर ही प्रश्नों के उत्तर लिख कर परीक्षा कराई। परीक्षा में अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक की कलई खुली।
परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से लेकर आठ तक करीब पौने दो लाख छात्र-छात्राएं हैं। शासन इन स्कूलों की सूरत बदलने में जुटा है। बुधवार से इन स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा थी। पहले दिन हिंदी विषय का प्रश्नपत्र था। प्रश्नपत्र प्रकाशन कराने और वितरित कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की थी। लेकिन प्रश्नपत्रों को तैयार कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की थी। परीक्षा के पहले दिन ही काफी स्कूलों में कक्षा छह हिंदी का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचाया गया। जबकि ऐसे स्कूलों में ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नपत्र लिख कर किसी तरह से छात्रों की परीक्षा कराई गई। कक्षा सात की परीक्षा में तो हद ही हो गई। कक्षा सात के हिंदी के प्रश्नपत्र में कक्षा आठ के सवाल पूछे गए हैं। इसे लेकर स्कूलों में शिक्षक परेशान रहे। प्रश्न पत्र डायट द्वारा प्राचार्य की देखरेख में तैयार कराए गए थे। जबकि प्रश्न पत्रों का प्रकाशन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कराया गया था। प्रश्न पत्रों के प्रकाशन में घटिया पेपर का प्रयोग किया गया। बंद लिफाफों में पेपर पहुंचे हैं पर कहीं ज्यादा निकल रहे हैं तो कही कम निकल रहे हैं।
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नजीबाबाद क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय अलीपुरा में एक शिक्षिका ने कक्षा दो के प्रश्न पत्र का हल ब्लैक बोर्ड पर उतार दिया। अब सवाल उठता है कि ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर लिखकर विद्यार्थियों की कितनी प्रोन्नति होगी, यह तो बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ही बेहतर बता सकेंगे। क्षेत्र के कई स्कूलों में खुले आसमान के नीचे बैठ कर छात्रों ने परीक्षा दी। कई स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए टाट पट्टी भी नहीं दी गई।
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बच्चों की उपस्थिति रही कम
हल्दौर/जलीलपुर/नींदड़ू। प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में परीक्षार्थियों की उपस्थिति कम रही। प्रथम पॉली में हिंदी व दूसरी पॉली में मौखिक विषय और आर्ट का रहा। ब्लॉक क्षेत्र में इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल 12 और इंग्लिश मीडियम जूनियर हाईस्कूल पांच हैं। गांव अम्हेड़ा के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्य कंचन चौधरी के अनुसार बच्चों की पंजीकृत संख्या 178 में से महज 144, पूर्व माध्यमिक इंग्लिश मीडियम की प्रधानाचार्या रजनी चौहान के अनुसार पंजीकृत 222 बच्चों में प्रथम पाली के दौरान 194 बच्चे उपस्थित रहे। जलीलपुर में कक्षा सात की हिंदी परीक्षा में सभी प्रश्न कक्षा आठ के पाठ्यक्रम से पूछे गए। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वास कुमार ने बताया कुछ प्रश्न पाठ्यक्रम के नहीं है। सामान्य भाषा और व्याकरण को छोड़कर सभी प्रश्न कक्षा 8 के हिंदी पाठ्यक्रम से लिए गए हैं। नीदड़ू खास के प्राथमिक विद्यालय प्रथम, द्वितीय, बाजीदपुर-बीरू के उच्च प्राथमिक, प्राथमिक एवं मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के प्राथमिक विद्यालय में प्रथम पाली में हिंदी और दूसरी पाली में चित्रकला विषय की परीक्षाएं दी है।
नगीना क्षेत्र के कोतवाली ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी देशराज वत्स ने बताया की पूरे ब्लॉक में स्थित 229 प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत 17721 विद्यार्थियों में से 14177 विद्यार्थियों ने पहले दिन परीक्षा में हिस्सा लिया। 93 उच्चतर प्राथमिक विद्यायलयों में पंजीकृत 6862 विद्यार्थियों में से 5832 ने पहले दिन की परीक्षा दी।
छुट्टी पर रहे जिला समन्वयक
प्रश्नपत्रों का प्रकाशन कराने व प्रश्नपत्रों को वितरित कराने की जिम्मेदारी बीएसए ने जिला समन्वयक प्रशिक्षण धनपाल सिंह को दी थी। लेकिन परीक्षा के पहले दिन ही जिला समन्वयक छुट्टी पर रहे। डीसी के जिला मुख्यालय पर नहीं होने से शिक्षकों ने किसी तरह से परीक्षा कराई।
प्रश्नपत्रों के प्रकाशन की हो जांच
उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधीर यादव ने अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए प्रकाशित कराए गए प्रश्नपत्रों के मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अधिकारी शिक्षकों के ऊपर ही आरोप मढ़ देते हैं। पर जिन स्कूलों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे व कक्षा सात में आठ के सवाल पूछे गए इसकी जांच की जानी चाहिए।