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Weather News: ओलावृष्टि, बारिश, तेज हवा से गेहूं और आम की फसल को नुकसान
Sun, 26 Apr 2020 10:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2020 10:36 PM IST
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बिजनौर में रविवार को ओलावृष्टि और बारिश के साथ तेज हवा के चलने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की गहाई भी एक सप्ताह तक के लिए टल गई है। जिले भर में 29.6 एमएम बारिश हुई है। हालांकि लोगों को गर्मी से राहत मिली है। रोजेदार भी खुश हैं।
रविवार सुबह नौ बजे के बाद मौसम ने करवट बदला। दिन में ही अंधेरा हुता तो सोलर स्ट्रीट लाइटें जल उठीं। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बीच-बीच में ओले भी पड़े। साथ ही तेज हवा भी चलने लगी। इससे किसान की गेहूं की गहाई का कार्य रुक गया। भीगने के कारण एक सप्ताह गहाई रुक गई। गेहूं और आम की फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि गन्ने को फायदा हुआ है। लेकिन दो चार दिन गन्ने की कटाई बाधित होगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार अभी जिला मुख्यालय पर ही ओलावृष्टि का पता चला है। स्टाफ को भेजकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पता कराएंगे।
अफजलगढ़ में भी जमकर बारिश हुई, गांव भज्जावाला मे ओले भी पड़े। किसान जयराम सिंह, महीपाल सिंह, गर्वेश, राजेंद्र सिंह प्रद्युम्न सिंह, विजय कुमार तथा संजीव कुमार ने बताया कि ओला व वर्षा से गेहूं की बालियां झड़ कर गिर गई हैं। गेहूं की कटी फसल गीली हो जाने से एक सप्ताह के लिए गहाई का कार्य लेट हो गया है। जिनकी गहाई हो चुकी है, उनका भूसा भी अभी खेतों में पड़ा है।
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बेगावाला के गांव खानजहानपुर के किसान राकेश चौधरी, अनुदीप चौधरी, बिजेंद्र सिंह, गांव बाकरपुर गढ़ी के किसान जयवीर सिंह, पंकज सिंह, धारूवाला के किसान नेता राजू सिंह, अवधेश अहलावत, मोनू, बड़कला के किसान नईम का कहना है कि ओलावृष्टि और बारिश ने गेहूं की फसल को आधे से ज्यादा बर्बाद कर दिया है।
नींदडू में गेहूं तथा आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। अरशद अली, अथर हुसैन, जावेद अख्तर, मो. आसिफ तथा इसरार अहमद का कहना है कि खड़े गेहूं के मुकाबले खेतों में कटे पड़े गेहूं को अधिक नुकसान है। गेहूं की गहाई इसके सूखने के बाद होगी। हवा से फल झड़ने के कारण आम की फसल की भी क्षति हुई है। दूसरी ओर, मौसम ठंडा होने से रोजेदारों को राहत पहुंची।
कालागढ़ में बारिश से गेहूं की कटाई पर असर पड़ा। किसान विनोद कुमार, सिराजुद्दीन अंसारी, कैलाश चंद्र ने बताया कि बारिश से सबसे अधिक नुकसान कटे गेहूं व भूसे को हुआ। बारिश से गेहूं के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
बढ़ापुर में बारिश से किसानों के खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग जाने पर काफी नुकसान हुआ है। वहीं हल्दौर में भी गेहूं कटाई कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ा है। अशोक कुमार त्यागी, निरंकार त्यागी, देवेंद्र त्यागी, जंगवीर सिंह, मदनपाल सिंह, मनोज कुमार का कहना है कि बारिश होने से कटा हुआ गेहूं भीग गया।
जलभराव हुआ
नगीना। रविवार सुबह ठंडी हवा के बीच हुई तेज बारिश से लोग अपने घरों के भीतर कैद होने को मजबूर हो गए। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई वर्षा दोपहर 3 बजे तक होती रही। बारिश से नगर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया तथा टूटी हुई सड़कों पर पानी भर गया।
गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका
नजीबाबाद। तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ। गेहूं की गहाई कर रहे किसानों के चेहरे जर्द पड़ गए। खेतों में गहाई के लिए रखा गेहूं का लान भीग गया। कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल ओलावृष्टि, वर्षा और हवा से कई स्थानों पर गिरने से नुकसान हुआ है। आलोक कुमार, मो. उमर का कहना है कि भीगने से गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका है। भीगा गेहूं के विक्रय में भी दिक्कत आती हैं। नगर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश से संपर्क मार्गों पर हल्का जलभराव हो गया। तापमान में गिरावट आई तथा रोजेदारों को राहत महसूस की।
बारिश होने से किसानों की बेचैनी बढ़ी
बारिश से किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। कटी गेेहूं की फसल भीगने से खराब हो गई है। खेतों में पानी भरने से गन्ने की कटाई और छिलाई का काम थम गया है। गन्ने की कम आवक होने चीनी मिल के नो केन की स्थिति पैदा हो गई है। किसान करनवीर सिंह सरकथलमाधो का कहना है कि उनके खेतों में छह बीघा गेहूं खेत में कटे पड़े हैं। गहाई की तैयारी की जा रही थी। ऐसे में बारिश होने से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। पता नहीं अब कब तक गहाई का काम शुरू होगा। किसान महेंद्र सिंह, अशोक कुमार शर्मा फीना का कहना है कि गन्ने के खेतों में पानी खड़ा हो गया है, कटाई और छिलाई का काम रुक हो गया है। दलहनी फसलों को बारिश से भारी नुकसान हुआ है।
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रविवार सुबह नौ बजे के बाद मौसम ने करवट बदला। दिन में ही अंधेरा हुता तो सोलर स्ट्रीट लाइटें जल उठीं। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बीच-बीच में ओले भी पड़े। साथ ही तेज हवा भी चलने लगी। इससे किसान की गेहूं की गहाई का कार्य रुक गया। भीगने के कारण एक सप्ताह गहाई रुक गई। गेहूं और आम की फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि गन्ने को फायदा हुआ है। लेकिन दो चार दिन गन्ने की कटाई बाधित होगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार अभी जिला मुख्यालय पर ही ओलावृष्टि का पता चला है। स्टाफ को भेजकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पता कराएंगे।
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अफजलगढ़ में भी जमकर बारिश हुई, गांव भज्जावाला मे ओले भी पड़े। किसान जयराम सिंह, महीपाल सिंह, गर्वेश, राजेंद्र सिंह प्रद्युम्न सिंह, विजय कुमार तथा संजीव कुमार ने बताया कि ओला व वर्षा से गेहूं की बालियां झड़ कर गिर गई हैं। गेहूं की कटी फसल गीली हो जाने से एक सप्ताह के लिए गहाई का कार्य लेट हो गया है। जिनकी गहाई हो चुकी है, उनका भूसा भी अभी खेतों में पड़ा है।
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बेगावाला के गांव खानजहानपुर के किसान राकेश चौधरी, अनुदीप चौधरी, बिजेंद्र सिंह, गांव बाकरपुर गढ़ी के किसान जयवीर सिंह, पंकज सिंह, धारूवाला के किसान नेता राजू सिंह, अवधेश अहलावत, मोनू, बड़कला के किसान नईम का कहना है कि ओलावृष्टि और बारिश ने गेहूं की फसल को आधे से ज्यादा बर्बाद कर दिया है।
नींदडू में गेहूं तथा आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। अरशद अली, अथर हुसैन, जावेद अख्तर, मो. आसिफ तथा इसरार अहमद का कहना है कि खड़े गेहूं के मुकाबले खेतों में कटे पड़े गेहूं को अधिक नुकसान है। गेहूं की गहाई इसके सूखने के बाद होगी। हवा से फल झड़ने के कारण आम की फसल की भी क्षति हुई है। दूसरी ओर, मौसम ठंडा होने से रोजेदारों को राहत पहुंची।
कालागढ़ में बारिश से गेहूं की कटाई पर असर पड़ा। किसान विनोद कुमार, सिराजुद्दीन अंसारी, कैलाश चंद्र ने बताया कि बारिश से सबसे अधिक नुकसान कटे गेहूं व भूसे को हुआ। बारिश से गेहूं के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
बढ़ापुर में बारिश से किसानों के खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग जाने पर काफी नुकसान हुआ है। वहीं हल्दौर में भी गेहूं कटाई कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ा है। अशोक कुमार त्यागी, निरंकार त्यागी, देवेंद्र त्यागी, जंगवीर सिंह, मदनपाल सिंह, मनोज कुमार का कहना है कि बारिश होने से कटा हुआ गेहूं भीग गया।
जलभराव हुआ
नगीना। रविवार सुबह ठंडी हवा के बीच हुई तेज बारिश से लोग अपने घरों के भीतर कैद होने को मजबूर हो गए। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई वर्षा दोपहर 3 बजे तक होती रही। बारिश से नगर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया तथा टूटी हुई सड़कों पर पानी भर गया।
गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका
नजीबाबाद। तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ। गेहूं की गहाई कर रहे किसानों के चेहरे जर्द पड़ गए। खेतों में गहाई के लिए रखा गेहूं का लान भीग गया। कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल ओलावृष्टि, वर्षा और हवा से कई स्थानों पर गिरने से नुकसान हुआ है। आलोक कुमार, मो. उमर का कहना है कि भीगने से गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका है। भीगा गेहूं के विक्रय में भी दिक्कत आती हैं। नगर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश से संपर्क मार्गों पर हल्का जलभराव हो गया। तापमान में गिरावट आई तथा रोजेदारों को राहत महसूस की।
बारिश होने से किसानों की बेचैनी बढ़ी
बारिश से किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। कटी गेेहूं की फसल भीगने से खराब हो गई है। खेतों में पानी भरने से गन्ने की कटाई और छिलाई का काम थम गया है। गन्ने की कम आवक होने चीनी मिल के नो केन की स्थिति पैदा हो गई है। किसान करनवीर सिंह सरकथलमाधो का कहना है कि उनके खेतों में छह बीघा गेहूं खेत में कटे पड़े हैं। गहाई की तैयारी की जा रही थी। ऐसे में बारिश होने से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। पता नहीं अब कब तक गहाई का काम शुरू होगा। किसान महेंद्र सिंह, अशोक कुमार शर्मा फीना का कहना है कि गन्ने के खेतों में पानी खड़ा हो गया है, कटाई और छिलाई का काम रुक हो गया है। दलहनी फसलों को बारिश से भारी नुकसान हुआ है।

बिजनौर में रविवार की सुबह बादल छाने से हुए अंधेरे में वाहनों को लेना पड़ा लाइट का सहारा।- फोटो : BIJNOR

मंडावर के ग्राम डेरयो में बारिश से भीगी गेहूं की फसल।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के मंडावर के ग्राम टीमला में बारिश और तेज हवा से गिरी गेंहू की फसल।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के गांव बाकरपुर गढ़ी के जंगल में बारिश से भीगें गेंहू को दिखाता किसान।- फोटो : BIJNOR