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मोहंडिया के जंगल में दो सप्ताह बाद दिखा गुलदार
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मंडावर के गांव पदमपुर में गुलदार देखे देखे जाने की सूचना पर खेत में मौजूद वन विभाग कर्मचारी।
- फोटो : BIJNOR
मोहंडिया के जंगल में दो सप्ताह बाद दिखा गुलदार
बिजनौर/मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में करीब दो सप्ताह बाद गुलदार का फोटो फिर से ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। वहीं गांव भरैरा के जंगल में मादा गुलदार का शव मिला है। गांव पदमपुर के पास किसान ने गुलदार दिखने का दावा किया है। हालांकि वन विभाग को खेत से गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले हैं।
26 दिसंबर को गांव मोहंडिया में गुलदार ने हमला करके शफीक को मार डाला था। तब से गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव के जंगल में पिंजरे लगा रखे हैं। गुलदार की लोकेशन को देखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। करीब दो सप्ताह से गुलदार का फोटो ट्रैप कैमरे में कैद नहीं हो रहा था। वन विभाग के अफसरों को लगने लगा था कि गुलदार अब जंगल से चला गया है, लेकिन बृहस्पतिवार रात गुलदार फिर से ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। रात 11 बजकर 45 मिनट व 11 बजकर 49 मिनट पर गुलदार कैमरे के सामने से निकला है। गुलदार फिर से खेतों में दिखने से गांव वाले दहशत में हैं। वहीं गांव भरैरा के जंगल में गन्ने के एक खेत से एक मादा गुलदार का शव मिला है। शव तीन-चार दिन पुराना है। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। रेंजर शरद गुप्ता का कहना है कि मादा गुलदार वयस्क है। उसकी मौत स्वाभाविक हुई है। गांव पदमपुर के जंगल में किसान रामचरण सिंह ने शुक्रवार सुबह गुलदार दिखने का दावा किया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच की तो खेत व आसपास कहीं भी गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले। खेत के पास में गीदड़ घूमते दिखे। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि किसान को धोखा लगा होगा।
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बिजनौर/मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में करीब दो सप्ताह बाद गुलदार का फोटो फिर से ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। वहीं गांव भरैरा के जंगल में मादा गुलदार का शव मिला है। गांव पदमपुर के पास किसान ने गुलदार दिखने का दावा किया है। हालांकि वन विभाग को खेत से गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले हैं।
26 दिसंबर को गांव मोहंडिया में गुलदार ने हमला करके शफीक को मार डाला था। तब से गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव के जंगल में पिंजरे लगा रखे हैं। गुलदार की लोकेशन को देखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। करीब दो सप्ताह से गुलदार का फोटो ट्रैप कैमरे में कैद नहीं हो रहा था। वन विभाग के अफसरों को लगने लगा था कि गुलदार अब जंगल से चला गया है, लेकिन बृहस्पतिवार रात गुलदार फिर से ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। रात 11 बजकर 45 मिनट व 11 बजकर 49 मिनट पर गुलदार कैमरे के सामने से निकला है। गुलदार फिर से खेतों में दिखने से गांव वाले दहशत में हैं। वहीं गांव भरैरा के जंगल में गन्ने के एक खेत से एक मादा गुलदार का शव मिला है। शव तीन-चार दिन पुराना है। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। रेंजर शरद गुप्ता का कहना है कि मादा गुलदार वयस्क है। उसकी मौत स्वाभाविक हुई है। गांव पदमपुर के जंगल में किसान रामचरण सिंह ने शुक्रवार सुबह गुलदार दिखने का दावा किया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच की तो खेत व आसपास कहीं भी गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले। खेत के पास में गीदड़ घूमते दिखे। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि किसान को धोखा लगा होगा।

मंडावर क्षेत्र के ग्राम मोहंडिया के जंगल में कैमरे में ट्रैप्ड हुआ गुलदार।- फोटो : BIJNOR
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