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मोहंडिया के जंगल में दिखाई नहीं दिया गुलदार
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मोहंडिया के जंगल में दिखाई नहीं दिया गुलदार
मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में गुलदार अब दिखाई नहीं दे रहा है। गुलदार को किसी पर हमला किए 20 दिन हो चुके हैं। वन विभाग के कर्मचारी खेतों में गुलदार की तलाश कर रही है।
गुलदार ने 26 दिसंबर को गांव मोहंडिया के जंगल में शफीक को मार डाला था। शफीक खेत में काम कर रहा था। इसके बाद से वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने को गांव के जंगल में सात पिंजरे लगा रखे हैं। गुलदार की लोकेशन का पता लगाने के लिए दस ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। गुलदार कई बार ट्रैप कैमरे में कैद हो चुका है। गुलदार अब तक मोहंडिया में उसी खेत के आसपास दिखाई दे रहा था, जिसमें उसने शफीक को मारा था। लेकिन अब चार पांच दिन से गुलदार ट्रैप कैमरे में दिखाई नहीं दे रहा है। गुलदार के पंजे के निशान मालन नदी के आसपास दिख रहे हैं। वन विभाग अब भी गुलदार को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है।
बुधवार को वन विभाग की टीम खेतों में गुलदार के पंजों के निशान की तलाश करती रही, लेकिन कहीं भी पंजों के निशान नहीं मिले। गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरे मंगाने की बात की जा रही है, लेकिन इससे गुलदार के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ेगा। 20 दिन से गुलदार ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है। वन विभाग नहीं चाहता कि उसकी किसी गलती से गुलदार फिर से हिंसक हो। रेंजर शरद गुप्ता के अनुसार गुलदार की तलाश की जा रही है। गुलदार को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है।
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मंडावर। गांव मोहंडिया के जंगल में गुलदार अब दिखाई नहीं दे रहा है। गुलदार को किसी पर हमला किए 20 दिन हो चुके हैं। वन विभाग के कर्मचारी खेतों में गुलदार की तलाश कर रही है।
गुलदार ने 26 दिसंबर को गांव मोहंडिया के जंगल में शफीक को मार डाला था। शफीक खेत में काम कर रहा था। इसके बाद से वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने को गांव के जंगल में सात पिंजरे लगा रखे हैं। गुलदार की लोकेशन का पता लगाने के लिए दस ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। गुलदार कई बार ट्रैप कैमरे में कैद हो चुका है। गुलदार अब तक मोहंडिया में उसी खेत के आसपास दिखाई दे रहा था, जिसमें उसने शफीक को मारा था। लेकिन अब चार पांच दिन से गुलदार ट्रैप कैमरे में दिखाई नहीं दे रहा है। गुलदार के पंजे के निशान मालन नदी के आसपास दिख रहे हैं। वन विभाग अब भी गुलदार को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रहा है।
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बुधवार को वन विभाग की टीम खेतों में गुलदार के पंजों के निशान की तलाश करती रही, लेकिन कहीं भी पंजों के निशान नहीं मिले। गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरे मंगाने की बात की जा रही है, लेकिन इससे गुलदार के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ेगा। 20 दिन से गुलदार ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है। वन विभाग नहीं चाहता कि उसकी किसी गलती से गुलदार फिर से हिंसक हो। रेंजर शरद गुप्ता के अनुसार गुलदार की तलाश की जा रही है। गुलदार को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है।
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