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Bijnor News: नाबका में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
Wed, 15 Oct 2025 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 15 Oct 2025 12:01 AM IST
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अफजलगढ़ के गांव नाबका में पिंजरे में कैद गुलदार। संवाद
अफजलगढ़। सोमवार रात क्षेत्र के ग्राम नाबका में बस्ती के समीप लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया। सुबह पता चलने पर वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मी गुलदार को पिंजरे समेत पीलीडैम ले गए। पकड़ा गया गुलदार नर है, उसकी आयु लगभग पांच वर्ष है। वहीं आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले तीन साल में करीब 140 गुलदार वन विभाग पकड़ चुका है।
ग्राम नाबका में पिछले कई दिनों से लगातार गुलदार गांव के आसपास देखा जा रहा था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने डॉ. सुशील के बाग में पिंजरा लगाया था। पिंजरा लगने के चार दिन बाद गुलदार उसमें कैद हो गया। गुलदार की गुर्राहट सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। गुलदार के पकड़े जाने से नाबका सहित आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुलदार मुर्गे के शिकार को पसंद कर रहा है। करीब 16 गुलदार मुर्गे के शिकार के लालच में पिंजरे में कैद हो चुके हैं। वहीं नगीना रेंज कर्मियों द्वारा फरवरी 2023 से 14 अक्तूबर तक 31 गुलदारों का रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भेजा जाएगा। वहीं ग्रामीणों के अनुसार अभी क्षेत्र में दो गुलदार और हैं जो पकड़े गए गुलदार के साथ घूमते हुए देखे गए थे।
वहीं, जिले में गुलदार और मानव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने 610 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। नजीबाबाद डिविजन की पांच रेंज और बिजनौर डिविजन की अमानगढ़ रेंज की चेन लिंक फेंसिंग प्रस्तावित है। इसके अलावा गुलदारों की नसबंदी भी कराई जाएगी।
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ग्राम नाबका में पिछले कई दिनों से लगातार गुलदार गांव के आसपास देखा जा रहा था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने डॉ. सुशील के बाग में पिंजरा लगाया था। पिंजरा लगने के चार दिन बाद गुलदार उसमें कैद हो गया। गुलदार की गुर्राहट सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। गुलदार के पकड़े जाने से नाबका सहित आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुलदार मुर्गे के शिकार को पसंद कर रहा है। करीब 16 गुलदार मुर्गे के शिकार के लालच में पिंजरे में कैद हो चुके हैं। वहीं नगीना रेंज कर्मियों द्वारा फरवरी 2023 से 14 अक्तूबर तक 31 गुलदारों का रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भेजा जाएगा। वहीं ग्रामीणों के अनुसार अभी क्षेत्र में दो गुलदार और हैं जो पकड़े गए गुलदार के साथ घूमते हुए देखे गए थे।
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वहीं, जिले में गुलदार और मानव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग ने 610 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। नजीबाबाद डिविजन की पांच रेंज और बिजनौर डिविजन की अमानगढ़ रेंज की चेन लिंक फेंसिंग प्रस्तावित है। इसके अलावा गुलदारों की नसबंदी भी कराई जाएगी।
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