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Bijnor News: नियमों को ताक पर रख कर दिया प्रमोशन
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- कमेटी की जांच में हुआ खुलासा, तत्कालीन डीएम ने कार्रवाई के लिए आयुक्त को लिखा था पत्र
- ग्राम्य विकास विभाग का मामला, वरिष्ठ सहायक को बना दिया प्रधान सहायक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ग्राम्य विकास विभाग में पदोन्नति के नियमों को ताक पर रखकर वरिष्ठ सहायक को प्रधान सहायक बना दिया गया। जांच में पदोन्नति में अनियमितता का खुलासा हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन डीएम ने डीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयुक्त को पत्र लिखा था। अब जिम्मेदार पर जल्द गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में वरिष्ठ सहायक नीतू चौधरी ने महिला आयोग, कमिश्नर से नियम विरुद्ध पदोन्नति करने, संभावित वित्तीय गबन की शिकायत की थी। जांच के लिए एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में पांच सदस्य कमेटी गठित की गई थी। जांच में सामने आया कि राजकुमार भ्रष्टाचार की शिकायत पर सत्र 2021-22, 2022-23 में निलंबित रहे हैं। साथ ही तीन बार वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई हुई।
छह नवंबर 2020 को राजकुमार की आगामी एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोकी गई। जबकि, 2021 में इनकी एक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकी गई थी। साल 2023 में भी राजकुमार की एक वार्षिक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए रोकी गई थी। यह लघुदंड की श्रेणी में आती है।
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नियम है कि लघु दंड संबंधित कार्मिक को दंडादेश पारित होने के बाद संपन्न होने वाले प्रथम एक चयन वर्ष में पदोन्नति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद राजकुमार को वरिष्ठ सहायक पद से प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति दी गई। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद खुलासा हुआ कि राजकुमार की पदोन्नति कार्मिक अनुभाग-एक के शासनादेश की व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। नियम विरुद्ध पदोन्नति करने की रिपोर्ट एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता वाली टीम ने डीएम को सौंपी।
-- सीडीओ और कोषाधिकारी की जांच में सही पाई गई शिकायत
एडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी के बाद सीडीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम ने शिकायत की जांच की। सीडीओ की जांच में भी नियम विरुद्ध पदोन्नति करने का खुलासा हुआ। साथ ही कार्यालय कर्मचारियों द्वारा फर्जी के नामों से विभिन्न स्तरों की झूठी शिकायत का प्रकरण भी सही पाया गया।
-- वर्जन :
नीतू चौधरी की शिकायत के बाद गठित कमेटी ने जांच की थी। राजकुमार को वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति करने में प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई थी। - अंशिका दीक्षित, एडीएम प्रशासन, बिजनौर
-- वर्जन : फाइनल रिपोर्ट राजकुमार के पक्ष में लगी है। सभी मामलों में कमिश्नर के यहां से क्लीन चिट मिल गई है। फिलहाल पदोन्नति और अन्य शिकायत का मामला नहीं है। - रचना गुप्ता, जिला विकास अधिकारी, बिजनौर
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- ग्राम्य विकास विभाग का मामला, वरिष्ठ सहायक को बना दिया प्रधान सहायक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ग्राम्य विकास विभाग में पदोन्नति के नियमों को ताक पर रखकर वरिष्ठ सहायक को प्रधान सहायक बना दिया गया। जांच में पदोन्नति में अनियमितता का खुलासा हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन डीएम ने डीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयुक्त को पत्र लिखा था। अब जिम्मेदार पर जल्द गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल में वरिष्ठ सहायक नीतू चौधरी ने महिला आयोग, कमिश्नर से नियम विरुद्ध पदोन्नति करने, संभावित वित्तीय गबन की शिकायत की थी। जांच के लिए एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में पांच सदस्य कमेटी गठित की गई थी। जांच में सामने आया कि राजकुमार भ्रष्टाचार की शिकायत पर सत्र 2021-22, 2022-23 में निलंबित रहे हैं। साथ ही तीन बार वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई हुई।
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छह नवंबर 2020 को राजकुमार की आगामी एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोकी गई। जबकि, 2021 में इनकी एक वेतन वृद्धि स्थायी रूप से रोकी गई थी। साल 2023 में भी राजकुमार की एक वार्षिक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए रोकी गई थी। यह लघुदंड की श्रेणी में आती है।
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नियम है कि लघु दंड संबंधित कार्मिक को दंडादेश पारित होने के बाद संपन्न होने वाले प्रथम एक चयन वर्ष में पदोन्नति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद राजकुमार को वरिष्ठ सहायक पद से प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति दी गई। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद खुलासा हुआ कि राजकुमार की पदोन्नति कार्मिक अनुभाग-एक के शासनादेश की व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। नियम विरुद्ध पदोन्नति करने की रिपोर्ट एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता वाली टीम ने डीएम को सौंपी।
एडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी के बाद सीडीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम ने शिकायत की जांच की। सीडीओ की जांच में भी नियम विरुद्ध पदोन्नति करने का खुलासा हुआ। साथ ही कार्यालय कर्मचारियों द्वारा फर्जी के नामों से विभिन्न स्तरों की झूठी शिकायत का प्रकरण भी सही पाया गया।
नीतू चौधरी की शिकायत के बाद गठित कमेटी ने जांच की थी। राजकुमार को वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति करने में प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई थी। - अंशिका दीक्षित, एडीएम प्रशासन, बिजनौर