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भोगली गांव में तीन शावकों को छोड़ गई गुलदार
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नगीना क्षेत्र के ग्राम भोगली में मिले गुलदार के शावकों को वन कर्मचारी को सौंपते ग्रामीण।
- फोटो : BIJNOR
भोगली गांव में तीन शावकों को छोड़ गई गुलदार
नगीना(बिजनौर)। ग्राम भोगली में शनिवार दोपहर गांव में एक खेत पर गुलदार के तीन शावक मिले तो वहां पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार के शावकों को कब्जे में लिया।
नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम भोगली निवासी किसान हर्षवर्धन ने बताया की शनिवार दोपहर गांव के शिव मंदिर के पास एक खेत के चकरोड पर गांव के ही ज्ञानेंद्र पाल ने गुलदार के तीन शावकों को बैठे देखा। सूचना मिलने पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर आ गए और छोटे-छोटे बच्चों में गुलदार के शावकों को करीब से देखने, उसके फोटो खींचने तथा हाथों से छूने की लालसा दिखाई दी। हर्षवर्धन ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी तो गांव पहुंचे वनरक्षक रुचित चौधरी, लाल सिंह, निजामुद्दीन आदि ने गुलदार के शावकों को कब्जे में लिया। वनरक्षक रुचित चौधरी ने बताया कि गुलदार के शावकों की आयु दो से तीन माह प्रतीत होती है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले काफी दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा कई बार गुलदार को देखे जाने की बात सामने आई है। तीन शावकों का गांव से पकड़े जाने के बाद मादा गुलदार द्वारा अपने बच्चों को ढूंढने के लिए गांव में आने का खतरा हो गया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़वाने की मांग की है।
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नगीना(बिजनौर)। ग्राम भोगली में शनिवार दोपहर गांव में एक खेत पर गुलदार के तीन शावक मिले तो वहां पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार के शावकों को कब्जे में लिया।
नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम भोगली निवासी किसान हर्षवर्धन ने बताया की शनिवार दोपहर गांव के शिव मंदिर के पास एक खेत के चकरोड पर गांव के ही ज्ञानेंद्र पाल ने गुलदार के तीन शावकों को बैठे देखा। सूचना मिलने पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर आ गए और छोटे-छोटे बच्चों में गुलदार के शावकों को करीब से देखने, उसके फोटो खींचने तथा हाथों से छूने की लालसा दिखाई दी। हर्षवर्धन ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी तो गांव पहुंचे वनरक्षक रुचित चौधरी, लाल सिंह, निजामुद्दीन आदि ने गुलदार के शावकों को कब्जे में लिया। वनरक्षक रुचित चौधरी ने बताया कि गुलदार के शावकों की आयु दो से तीन माह प्रतीत होती है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले काफी दिनों से गुलदार का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा कई बार गुलदार को देखे जाने की बात सामने आई है। तीन शावकों का गांव से पकड़े जाने के बाद मादा गुलदार द्वारा अपने बच्चों को ढूंढने के लिए गांव में आने का खतरा हो गया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़वाने की मांग की है।

नगीना क्षेत्र के ग्राम भोगली में मिले गुलदार के शावकों को देखते बच्चे।- फोटो : BIJNOR
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