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जिले के 91 किसानों का सरकारी खाद्यान्न बंद
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जिले के 91 किसानों का सरकारी खाद्यान्न बंद
बिजनौर। सरकार को दो लाख रुपये से अधिक के गेहूं या चावल बेचने वाले 91 किसानों के राशन कार्ड पर मिलने वाला सरकारी खाद्यान्न बंद कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर हुई जांच में ये किसान योजना के अपात्र मिले हैं। बाकी किसानों की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
केंद्र सरकार की ओर से खाद्यान्न योजना के अंतर्गत कंट्रोल रेट पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। पात्रों को दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल दिया जाता है। योजना के अनुसार गांवों में जिन परिवारों की आय दो लाख रुपये वार्षिक से कम है, उन्हें ही योजना का लाभ दिया जाता है। योजना में जिले में करीब छह लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में ऐसे किसानों की जांच कराई थी, जो सरकारी क्रय केंद्रों पर दो लाख रुपये का गेहूं व चावल बेच रहे हैं। अगर वे इतनी कीमत का अनाज सरकार को बेच रहे हैं तो उन्हें योजना में पात्र नहीं माना जा सकता है। इसकी जांच में जिले में 91 किसान ऐसे मिले हैं जो सरकार को दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं व चावल बेच रहे थे। इन किसानों के राशन कार्ड पर खाद्यान्न फिलहाल बंद कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव ने इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
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बिजनौर। सरकार को दो लाख रुपये से अधिक के गेहूं या चावल बेचने वाले 91 किसानों के राशन कार्ड पर मिलने वाला सरकारी खाद्यान्न बंद कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर हुई जांच में ये किसान योजना के अपात्र मिले हैं। बाकी किसानों की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है।
केंद्र सरकार की ओर से खाद्यान्न योजना के अंतर्गत कंट्रोल रेट पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। पात्रों को दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल दिया जाता है। योजना के अनुसार गांवों में जिन परिवारों की आय दो लाख रुपये वार्षिक से कम है, उन्हें ही योजना का लाभ दिया जाता है। योजना में जिले में करीब छह लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में ऐसे किसानों की जांच कराई थी, जो सरकारी क्रय केंद्रों पर दो लाख रुपये का गेहूं व चावल बेच रहे हैं। अगर वे इतनी कीमत का अनाज सरकार को बेच रहे हैं तो उन्हें योजना में पात्र नहीं माना जा सकता है। इसकी जांच में जिले में 91 किसान ऐसे मिले हैं जो सरकार को दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं व चावल बेच रहे थे। इन किसानों के राशन कार्ड पर खाद्यान्न फिलहाल बंद कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव ने इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
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