{"_id":"62d9a0e67f74b13b5b31cfc6","slug":"government-does-not-intend-to-give-msp-bijnor-news-mrt597972923","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार की एमएसपी देने की मंशा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार की एमएसपी देने की मंशा नहीं
विज्ञापन
सरकार की एमएसपी देने की मंशा नहीं
बिजनौर। सरकार की एमएसपी कमेटी अपनी रिपोर्ट उद्योगपतियों के समर्थन में देगी। सरकार की भी किसानों को एमएसपी देने की मंशा नहीं है। यह बात भाकियू के जिला प्रभारी बनाए गए विजय शास्त्री ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया।
बृहस्पतिवार को भाकियू के जिला प्रभारी व हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के साथ रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। सरकार और प्रशासन सुधरने को तैयार नहीं है। गांव जीतपुरा खरक प्रकरण में किसानों पर दर्ज मुकदमे अभी वापस नहीं हुए हैं और न ही निगम कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। बेसहारा पशुओं से निजात नहीं दिलाई गई है। कई इलाकों में चकबंदी प्रक्रिया सालों से अटकी है। सरकार को किसानों के हित के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए। गन्ना समिति में उन्होंने कहा कि सरकार हर तरह से किसानों का शोषण करने को तैयार बैठी है। शोषण से बचने के लिए संगठन को मजबूत करना होगा। एक लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य 15 दिन में पूरा करना है।
जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने संगठन को गांव गांव से जोड़ने के लिए नए कार्यकर्ता बनाने पर जोर दिया। कहा कि अगर खरख जीतपुरा मामले में जिला प्रशासन शीघ्र अपने किए गए वादे के अनुसार कार्यवाई नहीं करता तो भाकियू दोबारा आंदोलन चलाएगी। 22 जुलाई को चांदपुर तहसील में ट्रैक्टरों से चढ़ाई कर आंदोलन शुरू करेंगे और 23 जुलाई को नगीना देहात थाने का घेराव कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने 31 जुलाई को चक्का जाम के ऐलान के तहत अपने अपने गांव के सामने सुबह 11 बजे से 3 बजे तक सड़क पर चक्का जाम कर अपनी आवाज बुलंद करें। राष्ट्रीय सचिव धीर सिंह बालियान ने अध्यक्षता की। जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़, प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, युवा जिला अध्यक्ष वरिंदर सिंह बाठ, होशियार सिंह, चौधरी सुरपाल सिंह, संदीप त्यागी, चौधरी राजेंद्र सिंह, वीर सिंह डवास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। सरकार की एमएसपी कमेटी अपनी रिपोर्ट उद्योगपतियों के समर्थन में देगी। सरकार की भी किसानों को एमएसपी देने की मंशा नहीं है। यह बात भाकियू के जिला प्रभारी बनाए गए विजय शास्त्री ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया।
बृहस्पतिवार को भाकियू के जिला प्रभारी व हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के साथ रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। सरकार और प्रशासन सुधरने को तैयार नहीं है। गांव जीतपुरा खरक प्रकरण में किसानों पर दर्ज मुकदमे अभी वापस नहीं हुए हैं और न ही निगम कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। बेसहारा पशुओं से निजात नहीं दिलाई गई है। कई इलाकों में चकबंदी प्रक्रिया सालों से अटकी है। सरकार को किसानों के हित के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए। गन्ना समिति में उन्होंने कहा कि सरकार हर तरह से किसानों का शोषण करने को तैयार बैठी है। शोषण से बचने के लिए संगठन को मजबूत करना होगा। एक लाख सदस्य बनाने के लक्ष्य 15 दिन में पूरा करना है।
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने संगठन को गांव गांव से जोड़ने के लिए नए कार्यकर्ता बनाने पर जोर दिया। कहा कि अगर खरख जीतपुरा मामले में जिला प्रशासन शीघ्र अपने किए गए वादे के अनुसार कार्यवाई नहीं करता तो भाकियू दोबारा आंदोलन चलाएगी। 22 जुलाई को चांदपुर तहसील में ट्रैक्टरों से चढ़ाई कर आंदोलन शुरू करेंगे और 23 जुलाई को नगीना देहात थाने का घेराव कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने 31 जुलाई को चक्का जाम के ऐलान के तहत अपने अपने गांव के सामने सुबह 11 बजे से 3 बजे तक सड़क पर चक्का जाम कर अपनी आवाज बुलंद करें। राष्ट्रीय सचिव धीर सिंह बालियान ने अध्यक्षता की। जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह धनकड़, प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, युवा जिला अध्यक्ष वरिंदर सिंह बाठ, होशियार सिंह, चौधरी सुरपाल सिंह, संदीप त्यागी, चौधरी राजेंद्र सिंह, वीर सिंह डवास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन