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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय उठवा ली गई दवाईं
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औषधियों से खाली कराया गया राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
बिजनौर। जिले का औषधि भंडारण कक्ष बनाए गए नगर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को खाली करा दिया गया है। अधिकारियों ने वहां से औषधियां हटवाकर संबंधित चिकित्सालयों को डिलीवर करा दी हैं। जिससे आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीजों और चिकित्सकों के बैठने एवं उपचार के लिए जगह हो गई है।
उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी वर्षों से इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। अमर उजाला में अस्पताल की इस समस्या को 13 मई के अंक में प्रकाशित कर समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। जिसके बाद अधिकारियों ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय से दवाइयों के भंडारण को हटवाया।
जिले में आयुष के कुल 29 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इनमें 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी चिकित्सालय हैं। प्रतिमाह इन सभी के लिए आयुष भवन लखनऊ मुख्यालय एवं पीलीभीत जनपद से औषधियां भेजी जाती हैं। जिला मुख्यालय पर पुराने महिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ज्योत्सना शर्मा ने बताया कि कई वर्षों से चिकित्सालय को अवैध रूप से औषधि भंडारण कक्ष बना दिया गया था। इससे प्रतिदिन अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखने में चिकित्सकों को तो परेशानी होती ही थी। इसके अलावा अपना नंबर आने की प्रतीक्षा करने वाले मरीजों को बैठने तक के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। कभी कभी तो ऐसा होता था कि अधिकता होने के कारण पेटियों में रखी औषधियां व्यर्थ ही नष्ट हो जाती थीं।
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बिजनौर। जिले का औषधि भंडारण कक्ष बनाए गए नगर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को खाली करा दिया गया है। अधिकारियों ने वहां से औषधियां हटवाकर संबंधित चिकित्सालयों को डिलीवर करा दी हैं। जिससे आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीजों और चिकित्सकों के बैठने एवं उपचार के लिए जगह हो गई है।
उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी वर्षों से इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। अमर उजाला में अस्पताल की इस समस्या को 13 मई के अंक में प्रकाशित कर समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। जिसके बाद अधिकारियों ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय से दवाइयों के भंडारण को हटवाया।
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जिले में आयुष के कुल 29 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इनमें 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी चिकित्सालय हैं। प्रतिमाह इन सभी के लिए आयुष भवन लखनऊ मुख्यालय एवं पीलीभीत जनपद से औषधियां भेजी जाती हैं। जिला मुख्यालय पर पुराने महिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ज्योत्सना शर्मा ने बताया कि कई वर्षों से चिकित्सालय को अवैध रूप से औषधि भंडारण कक्ष बना दिया गया था। इससे प्रतिदिन अस्पताल में आने वाले मरीजों को देखने में चिकित्सकों को तो परेशानी होती ही थी। इसके अलावा अपना नंबर आने की प्रतीक्षा करने वाले मरीजों को बैठने तक के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। कभी कभी तो ऐसा होता था कि अधिकता होने के कारण पेटियों में रखी औषधियां व्यर्थ ही नष्ट हो जाती थीं।
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