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इंसान से खुदा हर चीज का हिसाब लेगा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:06 AM IST
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बिजनौर-गंज मार्ग पर तब्लीगी इज्तमा में नमाज अदा करते अकीदतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मौलाना किफायतुल्ला ने कहा कि इंसान से खुदा हर चीज का हिसाब लेगा। माल और दौलत तमाम चीजें दुनिया में ही खत्म हो जाएंगी। इज्तमा में हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की। देश के कोने कोने से आए उलेमा ने इज्तमे को खिताब करते हुए दीन के बताए रास्ते पर चलने को कहा। जमात के सदस्यों ने भी इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने को कहा।
रविवार को बिजनौर-चांदपुर रोड पर आयोजित दो दिवसीय तब्लीगी इज्तमा में अकीदतमंदों को खिताब करते हुए मौलाना किफायतुल्ला ने कहा कि हमें पता है कि हमारा खालिक और मालिक सिर्फ अल्लाह है। माल और दौलत तमाम चीजें दुनिया में ही खत्म हो जाएंगी। अमीर-ए-जमात सहारनपुर अहतेशामुल हसन ने खिताब किया कि हमारा यहां जमा होना सिर्फ अल्लाह को राजी करने और उसके रास्ते निकालने के लिए है।
हम दुनिया का हर काम सीखकर करते हैं और दीन के काम को बिना सीखे ही करने लगते हैं। अक्सर मुसलमानों को भी दीन के बारे में कुछ पता नहीं होता है। अल्लाह ने हर इंसान को सिर्फ अपनी इबादत करने के लिए पैदा किया है। सच्चा मुसलमान वह होता है जो दूसरे की सेवा करता है। दूसरे के दुुखः दर्द को समझता है। इज्तमा में सादे समारोह में 40 निकाह हुए। हाफिज मोहम्मद नौशाद, हाफिज दिलशाद, महबूब अहमद, नदीम अहमद, मो. वसीम, हाजी अब्दुल समी आदि रहे।
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रविवार को बिजनौर-चांदपुर रोड पर आयोजित दो दिवसीय तब्लीगी इज्तमा में अकीदतमंदों को खिताब करते हुए मौलाना किफायतुल्ला ने कहा कि हमें पता है कि हमारा खालिक और मालिक सिर्फ अल्लाह है। माल और दौलत तमाम चीजें दुनिया में ही खत्म हो जाएंगी। अमीर-ए-जमात सहारनपुर अहतेशामुल हसन ने खिताब किया कि हमारा यहां जमा होना सिर्फ अल्लाह को राजी करने और उसके रास्ते निकालने के लिए है।
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हम दुनिया का हर काम सीखकर करते हैं और दीन के काम को बिना सीखे ही करने लगते हैं। अक्सर मुसलमानों को भी दीन के बारे में कुछ पता नहीं होता है। अल्लाह ने हर इंसान को सिर्फ अपनी इबादत करने के लिए पैदा किया है। सच्चा मुसलमान वह होता है जो दूसरे की सेवा करता है। दूसरे के दुुखः दर्द को समझता है। इज्तमा में सादे समारोह में 40 निकाह हुए। हाफिज मोहम्मद नौशाद, हाफिज दिलशाद, महबूब अहमद, नदीम अहमद, मो. वसीम, हाजी अब्दुल समी आदि रहे।
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