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गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई बीघा पलेज नष्ट

Fri, 12 Feb 2021 12:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 12:26 AM IST
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Ganga's water level rises, many bigha palas destroyed
मंडावर के खादर क्षेत्र में बढ़ा गंगा का जल स्तर। - फोटो : BIJNOR
गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई बीघा पलेज नष्ट
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बिजनौर/मंडावर। उत्तराखंड से पानी छोड़े जाने पर बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के गांवों में हड़कंप मच गया। गांवों में मंदिर, मस्जिदों से एनाउंस कराकर किसानों को खेतों से बुलाया गया। गंगा का पानी भरने से कई बीघा पलेज नष्ट हो गई। दो तीन दिन के लिए किसानों के गंगा पार खेतों पर जाने पर रोक लगाई गई है।
उत्तराखंड में बारिश के अलावा वहां की नदियों का पानी बिजनौर में ही आता है। उत्तराखंड से ज्यादा पानी से गंगा के तटीय गांवों के खेतों में पानी भर जाता है और गंगा कटान करने लगती है। तटीय गांवों के किसानों के खेत गंगा की धारा के दूसरी ओर हैं जहां किसान पीपे के पुल और नाव से जाते हैं। चमोली में बांध टूटने के समय जिले में गंगा किनारे हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था और बाढ़ की आशंका के चलते किसानों को गंगा किनारे न जाने को कहा गया था। लेकिन तब जिले में गंगा का जलस्तर नहीं बढ़ा। बांध से आने वाले पानी को दूसरे बांधों पर रोक लिया गया था। इससे किसान भी निश्चिंत हो गए थे।
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लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर गंगा का जलस्तर एकदम से बढ़ गया। पानी देखते ही देखते पलेजों में भर गया। पलेज की खेती करने वाले किसान अपना सामान समेटकर खेतों को छोड़कर आ गए। पानी बढ़ने की सूचना पर गांव डैबलगढ़ के मंदिर से एनाउंस करके बताया गया। गांव वालों से तुरंत खेतों से गांव आने को कहा गया। खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत ही घरों को लौट आए। ज्वांइट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने तटीय गांवों का दौरा किया और किसानों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। पीपे के पुल पर दो तीन दिन के लिए आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। किसानों से गंगा पार खेतों पर जाने से मना किया गया है।
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बालावाली से लेकर रावली तक हजारों बीघा जमीन में पलेज होती है। किसान गंगा की रेती में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा आदि लगाते हैं। बरसात के पहले तक यह खेती होती है।
ये गांव बसे हैं गंगा किनारे
खादर में गंगा किनारे गांव रामसहाय वाला, हिम्मतपुरा बेला, कुंदनपुर, टीप, शेखपुर खादर, मिर्जापुर, सीमला कला, चाहड़वाला, सीमली, कोहरपुर, मीरापुर, राजारामपुर, डैबलगढ़, रावली, ब्रह्मपुरी, फतेहपुर बसे हैं। इनमें से राजारामपुर, डैबलगढ़, कोहरपुर, मीरापुर, सीमली, कुंदनपुर, फतेहपुर गांवों से गंगा एकदम सटकर बह रही है। गंगा का पानी एकदम बढ़ जाता है तो इन गांवों के खेत जलमग्न हो जाते हैं। ब्रह्मपुरी गांव में पानी भर जाता है और गांव की सड़कों पर नाव चलती है।
पानी में मामूली बढ़ोतरी
गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के अनुसार गंगा में इस समय 9400 क्यूसेक पानी चल रहा है। उत्तराखंड से थोड़ा पानी छोड़े जाने की वजह से जलस्तर बढ़ा है। खतरे की कोई बात नहीं है।

पीपे के पुल पर आवागमन रहेगा बंद
एसडीएम विक्रमादित्य सिंह के अनुसार पीपे के पुल पर कुछ दिन के लिए रोक लगा दी गई है। किसानों को खेतों पर जाने से मना किया गया है। पलेजियों को गांव डैबलगढ़ के पास सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।

मंडावर के ग्राम डेबलगढ़ मे बढ़ा गंगा का जल स्तर।

मंडावर के ग्राम डेबलगढ़ मे बढ़ा गंगा का जल स्तर।- फोटो : BIJNOR

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