{"_id":"5e37149e8ebc3e4b0d6bdf9b","slug":"ganga-s-clean-plan-seems-to-fade-bijnor-news-mrt4669197169","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा के प्लान को लगा रहे पलीता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के प्लान को लगा रहे पलीता
विज्ञापन
गंगा के निर्मल प्लान को लग रहा पलीता
बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने का बीड़ा उठा रहे हों पर अफसर इसे पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे। मुख्यमंत्री की बिजनौर गंगा बैराज से शुरू हुई गंगा यात्रा के दौरान शीशमहल एवं अन्य स्थानों पर की गई तोड़फोड़ का सारा मलवा अफसरों ने तटबंध पर गंगा में डलवा दिया। इसे लेकर लोगों में रोष है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने का बीड़ा उठाया है। गंगा को स्वच्छ रखने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं है। 27 जनवरी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा यात्रा का शुभारंभ बिजनौर में गंगा बैराज से किया था। यह यात्रा कानपुर जाकर समाप्त हुई। यात्रा की तैयारी में कई दिन से अफसर लगे थे। गंगा बैराज पर शीशमहल समेत पूरे बैराज घाट को चकमा दिया गया। शीशमहल को देखकर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद खुश हुए थे। उन्होंने शीशमहल की सफाई एवं सुंदरता को बनाए रखने पर सिंचाई विभाग के अफसरों की पीठ थपथपाई थी। तमाम विभाग के अफसर गंगा यात्रा की तैयारी को लेकर बैराज पर डेरा डाले हुए थे। अफसरों ने गंगा घाट के पास बने मुख्य द्वार के अलावा शीशमहल एवं कई जगह तोड़फोड़ कर मरम्मत कराई थी। तोड़फोड़ का सारा मलवा शीशमहल से होकर बैराज से जा रहे तटबंध पर गंगा में डलवा दिया। तटबंध पर लोगों की आवाजाही रहती है। वहां मलवा इसलिए गंगा में डलवाया गया ताकि लोगों की नजर न पड़े। लोगों ने जब गंगा में यह मलवा पड़ा देखा ते उनमें रोष व्याप्त हो गया। लोगों का कहना है कि गंगा को निर्मल एवं अविरल करने की सब बात कर रहे हैं, पर खुद ही अफसर गंगा को दूषित करने में लगे है। गंगा में मलवा डालने की क्या जरूरत थी। मलवा कहीं ओर भी डाला जा सकता था। मलवा गंगा में ही क्यों डलवाया गया। प्रयास के बाद भी सिंचाई विभाग के किसी अधिकारी से बात नहीं हुई।
नगर पालिका की ओर से श्मशान घाट पर नहीं कराई जाती सफाई
नगर पालिका की ओर से भी गंगा के आसपास सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गंगा पर रोजाना श्मशान घाट कई शवों का दाह संस्कार होता है। शव यात्रा के कपड़ों को भी लोग गंगा किनारे डाल देते हैं। जहां गंगा के किनारे दाह संस्कार होता है वह खूब गंदगी की जा रही है। श्मशान घाट पर दूर - दूर तक लकड़ी के जले टुकडे पड़े है। दाह संस्कार करने आने वाले लोग भी सफाई की कोई जिम्मेदारी नहीं उठाते हैं। नगर पालिका के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने सप्ताह में एक दिन गंगा के श्मशान घाट पर सफाई कराने की बात कही थी। पर नगर पालिका का कोई कर्मचारी वहां सफाई कराने नहीं जाता है। अफसर भी सफाई कराने की अपनी जिम्मेदारी नहीं ले रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने का बीड़ा उठा रहे हों पर अफसर इसे पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे। मुख्यमंत्री की बिजनौर गंगा बैराज से शुरू हुई गंगा यात्रा के दौरान शीशमहल एवं अन्य स्थानों पर की गई तोड़फोड़ का सारा मलवा अफसरों ने तटबंध पर गंगा में डलवा दिया। इसे लेकर लोगों में रोष है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने का बीड़ा उठाया है। गंगा को स्वच्छ रखने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं है। 27 जनवरी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा यात्रा का शुभारंभ बिजनौर में गंगा बैराज से किया था। यह यात्रा कानपुर जाकर समाप्त हुई। यात्रा की तैयारी में कई दिन से अफसर लगे थे। गंगा बैराज पर शीशमहल समेत पूरे बैराज घाट को चकमा दिया गया। शीशमहल को देखकर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद खुश हुए थे। उन्होंने शीशमहल की सफाई एवं सुंदरता को बनाए रखने पर सिंचाई विभाग के अफसरों की पीठ थपथपाई थी। तमाम विभाग के अफसर गंगा यात्रा की तैयारी को लेकर बैराज पर डेरा डाले हुए थे। अफसरों ने गंगा घाट के पास बने मुख्य द्वार के अलावा शीशमहल एवं कई जगह तोड़फोड़ कर मरम्मत कराई थी। तोड़फोड़ का सारा मलवा शीशमहल से होकर बैराज से जा रहे तटबंध पर गंगा में डलवा दिया। तटबंध पर लोगों की आवाजाही रहती है। वहां मलवा इसलिए गंगा में डलवाया गया ताकि लोगों की नजर न पड़े। लोगों ने जब गंगा में यह मलवा पड़ा देखा ते उनमें रोष व्याप्त हो गया। लोगों का कहना है कि गंगा को निर्मल एवं अविरल करने की सब बात कर रहे हैं, पर खुद ही अफसर गंगा को दूषित करने में लगे है। गंगा में मलवा डालने की क्या जरूरत थी। मलवा कहीं ओर भी डाला जा सकता था। मलवा गंगा में ही क्यों डलवाया गया। प्रयास के बाद भी सिंचाई विभाग के किसी अधिकारी से बात नहीं हुई।
विज्ञापन
नगर पालिका की ओर से श्मशान घाट पर नहीं कराई जाती सफाई
नगर पालिका की ओर से भी गंगा के आसपास सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गंगा पर रोजाना श्मशान घाट कई शवों का दाह संस्कार होता है। शव यात्रा के कपड़ों को भी लोग गंगा किनारे डाल देते हैं। जहां गंगा के किनारे दाह संस्कार होता है वह खूब गंदगी की जा रही है। श्मशान घाट पर दूर - दूर तक लकड़ी के जले टुकडे पड़े है। दाह संस्कार करने आने वाले लोग भी सफाई की कोई जिम्मेदारी नहीं उठाते हैं। नगर पालिका के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने सप्ताह में एक दिन गंगा के श्मशान घाट पर सफाई कराने की बात कही थी। पर नगर पालिका का कोई कर्मचारी वहां सफाई कराने नहीं जाता है। अफसर भी सफाई कराने की अपनी जिम्मेदारी नहीं ले रहे है।

बिजनौर में बैराज पर शमशान घाट के पास गंगा में पड़ी गंदगी।- फोटो : BIJNOR
विज्ञापन